जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अपर जनपद न्यायाधीशध्सचिव हरीश कुमार द्वारा अपने अध्यक्षीय उद्वोधन में उपस्थित महिलाओं को बताया गया कि यदि उनके साथ घर में किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा या प्रताड़ना होती है तो वह बिना किसी डर के अपनी समस्या हम तक पहुंचाएं तथा कार्यरत स्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न व लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम 2012 की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि अधिनियम बच्चों के प्रति होने वाले लैंगिक उत्पीड़न, लैंगिक शोषण एवं पोर्नोग्राफी जैसे जघन्य अपराधों को रोकने के लिए महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा बनाया गया है तथा यह एक्ट भारत के सभी नागरिकों पर लागू हैं। समाज के अन्तिम पायदान पर रहने वाले व्यक्ति तक विधिक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिये नालसा द्वारा एलएसएमएस पोर्टल तथा टोल फ्री हेल्प लाइन नं0 15100 की सेवायें दी जा रही है, जिसके माध्यम से विधिक सहायता आसानी से घर बैठे प्राप्त कर सकते है। घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न से पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को सुना गया और मौके पर ही निस्तारण किया गया। इस अवसर पर श्रीमती प्रिया, केंद्र प्रशासक, हर्षवर्धन कार्यालय सहायक एवं अन्य महिलायें उपस्थित रही।
बलियाः वन स्टॉप सेंटर! जिला अस्पताल में महिलाओं के अधिकारों को लेकर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन
October 01, 2025
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