क्या सफेद नमक खाने से किडनी खराब होती है? जानिए
October 26, 2025
आजकल की बिगड़ती हुई लाइफ स्टाइल और खराब खान-पान का सबसे ज़्यादा खामियाजा हमारी किडनी को उठाना पड़ता है। एक रिपोर्ट के अनुसार डायलिसिस में 25 से 30 की उम्र वाले मरीजों की तादाद पिछले 5-6 साल में तेजी से बढ़ी हैं। देश में 12 प्रतिशत पुरुष और 14 प्रतिशत महिलाएं किडनी की किसी ना किसी परेशानी की गिरफ्त में हैं और यही वजह है कि किडनी की बीमारी देश में मौत की पांचवीं सबसे बड़ी वजह बन गई है।
बता दें, किडनी बॉडी की अंदरूनी सफाई करती है। ब्लड में मौजूद वेस्ट को बाहर निकालकर शरीर को तंदरुस्त रखती है। इसे हेल्दी रखने के लिए एक्सपर्ट पानी ज़्यादा पीने और नमक कम खाने की सलाह देते हैं। लेकिन क्या सफेद नमक भी किडनी के लिए हानिकारक है? इस बारे में जानने के लिए vidhankesari ने शालीमार बाग में स्थित फोर्टिस अस्पताल में कंसल्टेंट-नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. भानु मिश्रा से बात की और उनसे यह पूछा की क्या सफेद नमक किडनी को खराब करती है। चलिए जानते हैं इस बारे में उनका क्या कहना है?
ज़रूरत से ज़्यादा खाना है नुकसानदायक:
डॉ. भानु मिश्रा कहते हैं कि सफेद नमक, जिसे हम आमतौर पर खाने में स्वाद के लिए इस्तेमाल करते हैं, शरीर के लिए ज़रूरी है क्योंकि इसमें सोडियम होता है। सोडियम हमारे शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखने, नसों और मांसपेशियों के सही काम करने में मदद करता है। लेकिन जब हम ज़रूरत से ज़्यादा नमक खाते हैं, तो यह नुकसानदायक साबित हो सकता है। अधिक नमक खाने से शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे ब्लड प्रेशर (हाई बीपी) बढ़ सकता है।
हाई बीपी से किडनी होती है डैमेज:
लगातार हाई ब्लड प्रेशर रहने से किडनी पर ज़्यादा दबाव पड़ता है और धीरे-धीरे किडनी की फिल्टर करने की क्षमता कम हो सकती है। इससे किडनी डैमेज या फेल्योर का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि रोज़ाना नमक की मात्रा 5 ग्राम से ज़्यादा नहीं लेनी चाहिए।
अगर आपको ब्लड प्रेशर, डायबिटीज़ या किडनी से जुड़ी कोई बीमारी है, तो नमक का सेवन और कम करना चाहिए। सादा नमक की जगह आप रॉक सॉल्ट (सेंधा नमक) या लो-सोडियम सॉल्ट का उपयोग कर सकते हैं। संतुलित मात्रा में नमक खाना ही किडनी और दिल के लिए सुरक्षित है।
