छिबरामऊ/कन्नौज । आतिशबाजी को लेकर हुए विवाद के बाद विशुनगढ़ थाने से तहरीर देकर लौट रहे युवकों पर भीड़ ने हमला बोल दिया। मारपीट में दो सगे भाइयों समेत तीन लोग घायल हो गए। आरोप है कि प्रधान प्रतिनिधि ने अपने समर्थकों के साथ युवकों से मारपीट की थी, जिसकी बाद उनकी लाइसेंसी रिवाल्वर भीड़ ने छीन कर पुलिस के सुपुर्द कर दी थी।
पुलिस ने प्रधान प्रतिनिधि समेत कई युवकों को हिरासत में लिया है। वहीं, सीएचसी से एक युवक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया है। विशुनगढ़ कस्बा स्थित पानी की टंकी के पास रहने वाले दिलीप खटिक अपने बेटे मंगलवार की शाम को रामलीला मैदान में सजे आतिशबाजी बाजार से खरीदारी के लिए गए थे। उसी दौरान उनका विवाद कुछ लोगों से हो गया। दिलीप ने बताया कि प्रधान प्रतिनिधि ने एक दुकान से आतिशबाजी खरीदने से रोकने के बाद उनसे अभद्रता की थी। मामले की शिकायत पुलिस से की। तहरीर देने के बाद लौटते समय थाने से महज 150 मीटर की दूरी पर प्रधान प्रतिनिधि ने अपने समर्थकों के साथ उन्हें घेर लिया। लाइसेंसी रिवॉल्वर की बट से उनके सिर पर प्रहार किया।
दिलीप को जिला अस्पताल रेफर किया विवाद में वह घायल हो गए। बचाने का प्रयास करने पर मौसेरे भाई नीलू खटिक व वीरू खटिक के साथ भी मारपीट की। विवाद के दौरान भीड़ एकत्रित हो गई और प्रधान प्रतिनिधि की रिवॉल्वर छीन ली। भीड़ ने मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम को छीनी गई रिवॉल्वर सौंप दी। पुलिस मौके से प्रधान प्रतिनिधि समेत कई लोगों को हिरासत में लेकर थाने ले आई। गंभीर रूप से घायल दिलीप व नीलू को सीएचसी छिबरामऊ चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेज दिया। यहां से दिलीप को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
पथराव में कोतवाल के सीने पर लगा पत्थर वहीं, प्रधान प्रतिनिधि के हिरासत में लिए जाने की सूचना पर उनके समर्थकों ने थाने को घेर लिया। भीड़ बढ़ती देख आसपास थानों से पुलिस बल बुला लिया गया। सीओ सुरेश कुमार व छिबरामऊ कोतवाल ने थाने में जुटी भीड़ को खदेड़ा दिया। कुछ समय बाद ही पहुंचे एएसपी अजय कुमार किला गेट पर भीड़ एकत्रित होने की जानकारी होने पुलिस बल के साथ वहां पहुंच गए। यहां पुलिस के लाठियां के पटकते ही भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। पथराव में छिबरामऊ कोतवाल विष्णुकांत तिवारी के सीने पर पत्थर लगा।रू 13 लोगों को हिरासत में लिया।
हालांकि पुलिस ने लाठियां पटक कर भीड़ को तितर बितर कर दिया। वहीं कोतवाल विष्णुकांत तिवारी ने पत्थर लगने की बात से इंकार किया है। वहीं देर रात तक प्रधान राजेश्वरी देवी अपने प्रतिनिधि के समर्थन में महिलाओं की भीड़ के साथ थाना गेट पर जमी हुई थी। उनका आरोप है कि मारपीट में घायल होने के बाद भी उनके प्रतिनिधि अखिलेश का पुलिस ने मेडिकल नहीं कराया। एएसपी ने बताया कि मामले की रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। 13 लोग को हिरासत में लेने के साथ ही 14 बाइकों कब्जे में ली गई है।
