बिहार चुनाव से सभी दलों के कर्पूरी प्रेम की पोल खुली ! पोती को भी लेनी पड़ी एक नए दल की शरण
October 30, 2025
लखनऊ/ पटना! बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री रहे जननायक की उपाधि प्राप्त कर्पूरी ठाकुरजी को भले ही वर्तमान केंद्र सरकार ने भारत रत्न से नवाजा हो बिहार चुनाव के वर्तमान चुनाव में अपनी डूबती नैया को पार करने के लिए मैं सिर्फ नीतीश और तेजस्वी सहित देशके प्रधानमंत्री उनके जन्म स्थान समस्तीपुर जाकर कर्पूरी प्रेम का नाटक कर रहे हों लेकिन कर्पूरी जी की जाति की तों छोड़िये उनके परिजनों की भी टिकट वितरण में अनदेखी कर बता दिया है कि हम उनके नाम पर वोट लेकर सरकार बनाने की योजना पर काम करते हैं जिस कारण देश भर के नाई सैन सविता नंद समाज में गहरा रोष है सैन सविता नंद समाज के प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि हम जन सेवा दल को मजबूत करके अपनी अनदेखी करने वाली सभी पार्टियों को सबक सिखाने निकल पड़े हैं जो किसी से रूकने वालें नहीं है।
सब जानते हैं कि चाहे किसी राज्य स्तर का चुनाव हों या देश का सभी दल कर्पूरी जी के नाम पर अतिपिछड़ों का वोट लेकर सरकार बनाते रहे हैं खासकर बिहार की राजनीति में कर्पूरी जी का नाम लेकर नितिश कुमार लालूजी रहें हो कांग्रेस अथवा भाजपा सभी दल कर्पूरी जी की माला लेकर चुनावी मैदान में उतरे और सरकार भी बनाई नितिश कुमार और लालू प्रसाद यादव ही नहीं लालूजी के बेटे तेजस्वी ने जहां कर्पूरी जी को अपना आदर्श बताया वहीं देश के प्रधानमंत्री और भाजपा व संघ के भी सर्वे सर्वा मोदी जी ने उनको भारत रत्न भी दिया और वर्तमान चुनाव में उनके गांव जाकर कर्पूरी प्रेम दिखाने का भी नाटक किया लेकिन न सिर्फ भाजपा कांग्रेस बल्कि स्थानीय राजनीति के आधार ,नितिश लालू तेजस्वी चिराग़ पासवान सहित किसी छोटे बड़े दल ने तीन प्रतिशत नाई जाति को दो प्रतिशत की तों छोड़िये एक टिकट देना उचित नहीं समझा और इन सभी दलों का झंडा लेकर चलने वाले कर्पूरी वादी नेताओं द्वारा किए गए बड़बोलापन की भी पोल खोल दी है
इसके बावजूद उनकी जाति में जन्मे लोग अपनी छुटभैय्ए नेताओं की श्रेणी पर शरमाने को तैयार नहीं है कर्पूरी जी को आदर्श मानने वालों को तो छोड़िए उनकी पोती ने भी जब राजनीति में किस्मत आजमाने का प्रयास किया तो तमाम कोशिशों के बाद उन्हें कुछ माह पहले भाजपा और कांग्रेस आर जे डी के लिए काम करने वाले प्रशांत किशोर द्वारा बनाई गई पार्टी में टिकट लेना पड़ा ऐसी स्थिति में सवाल उठना लाजमी है कि बिहार ही नहीं देश भर के सभी दल कर्पूरी प्रेम का ढोंग क्यों करते हैं इस बारे में कर्पूरी जी की जाति में जन्मे कई बड़बोले नेताओं का कहना है कि आज जब प्रत्येक जाति और धर्म के लोग सत्ता की मास्टर चाबी लेने की योजना पर काम कर रहे हैं वही नाई जाति के लोग तेजी से विभिन्न दलों में अपनी गुलामी की रफ्तार तेज कर रहे हैं या सामाजिक संगठनों में समय बर्बाद कर रहे हैं।
वहीं नंदवंशियों द्वारा वंचितों को धन धरती शिक्षा सम्मान दिलाने के लिए बनाई गई पार्टी जन सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद ठाकुर तथा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दयाल चंदेला का कहना है अबकी बार मार के दिखा, अबकी बार मार मारके दिखाओ वाली कहावत तो आपने सुनी होगी नंद सैन सविता समाज के लोग हमेशा इस कहावत को चरितार्थ करते रहे हैं लेकिन अब इन्होंने अपना झंडा और डंडा उठा लिया है जिस पर कर्पूरी जी की जाति के कुछ लोगों को छोड़ दें तो सभी जन सेवा दल के तत्वावधान में अपनी सरकार बनाओं अभियान में जुट गए हैं जिसमें अतिपिछड़ी जातियों का भरपूर समर्थन मिल रहा है हम लोग कर्पूरी जी समर्थक महापदम नंद के वंशज और सैन जी महाराज के सेवक हैं मांगते मांगते थक गए हैं अब देने वाले बन रहें हैं जिसमें हमें भरपूर समर्थन मिल रहा है हमारे लोगों को फर्जी इगो त्यागकर मालिक बनने के रास्ते पर हमारे साथ चलने की आवश्यकता है
उन्होंने सामाजिक संगठनों के नेताओ को भी झूठे दावे वादे और शान त्यागते हुए अपने साथ चलने की अपील की,उन्होंने खुलें शब्दों में कहा कि वैसे तो जब आज तक कोई विधायक नहीं बना यदि एक विधायक सांसद बनने की मान भी लें तो क्या वह सामंतवादी सोच रखने वाली पार्टियों से अपने या अन्य पिछड़े समाज को न्याय या हिस्सेदारी दिला पाएगा उन्होंने सभी दलों को खासकर उत्तर प्रदेश के दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अब गुमराह कर वंचितों से अन्याय करना बंद करें तथा सामाजिक न्याय की बात करने की उम्मीद किसी दल से नहीं है अब हम स्वयं सामाजिक न्याय देकर समाज के प्रत्येक व्यक्ति को धन धरती शिक्षा सम्मान में मजबूत करेंगे क्योंकि अब हम और हमारे लोग लकीर के फकीर बनकर केश कला बोर्ड, माटी कला बोर्ड,सफाई आयोग पिछड़ा आयोग अनूसूचित आयोग अल्पसंख्यक आयोग भेड़ बकरी पालन अयोग शाकभाजी आयोग मछली पालन आयोग जैसे निष्क्रिय पद नहीं मुख्यमंत्री गवर्नर कैबिनेट मंत्री आईएएस आईपीएस सांसद विधायक बनकर सभी वंचितों को न्याय देने का काम करेंगे।





