गौरीगंजः श्रीराम कथा! जीवन में गुरु का स्थान सर्वोपरि है
October 26, 2025
गौरीगंज/अमेठी। स्थित मंगलम भवन पर परम पूज्य आचार्य श्री शांतनु जी महाराज के श्रीमुख से चल रही श्रीराम कथा के चतुर्थ दिवस में भक्तों ने दिव्य रसपान किया। की कथा में गुरु महिमा का मनोहर वर्णन हुआ महाराज श्री ने बताया कि जीवन में गुरु का स्थान सर्वोपरि है। गुरु ही वह प्रकाशपुंज हैं जो अज्ञान रूपी अंधकार को मिटाकर भक्ति और धर्म के मार्ग पर ले जाते हैं।श्रीराम और लक्ष्मण जी के गुरु विश्वामित्र जी की महिमा का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया गया कि गुरु कृपा से ही भगवान ने अनेक राक्षसों का विनाश किया और मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में अपनी लीलाओं की शुरुआत की।इसके उपरांत कथा में जनकपुर आगमन और धनुष यज्ञ की पावन कथा का वर्णन हुआ। जनकपुरी में राम लक्ष्मण जी का आगमन, नगरवासियों का स्वागत, और सीता जी द्वारा राम दर्शन का अद्भुत प्रसंग भक्तों के हृदय में भक्ति की तरंगें जगा गया। महाराज श्री ने धनुष यज्ञ के प्रसंग में बताया कि जब प्रभु श्रीराम ने सहज भाव से शिव धनुष को उठाकर तोड़ा, तो सम्पूर्ण जनकपुरी ‘जय श्रीराम’ के जयघोष से गूंज उठी। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक माननीय श्री राकेश प्रताप सिंह जी ने भी कथा स्थल पर भक्तों को स्वयं चन्दन लगाकर सभी का स्वागत किया, जिससे पूरे वातावरण में भक्ति और आनंद का अद्भुत संचार हुआ।
