मैनपुरी। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर महाराजा तेज सिंह जिला चिकित्सालय में आयोजित रक्तदान शिविर का शुभारम्भ करते हुये जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि जीवन में रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं रक्तदाता द्वारा दान किए गए ब्लड से एक नहीं कई जिंदगियों को बचाया जा सकता है यह एक ऐसा दान है कि दान करने वाले को ही जानकारी नहीं होती कि उसके द्वारा दान किए गए रक्त ने किस व्यक्ति का जीवन बचाया। उन्होंने कहा कि खून की कमी के कारण बड़ी संख्या में लोग दम तोड़ देते हैं, आप द्वारा दान किया गया खून तमाम लोगों का जीवन बचाने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होने कहा कि जनपद में रक्तदाताओं की कमी नहीं हैं, कई रक्तदाताओं ने अनेकों बार रक्तदान कर जनपद में ही नहीं बल्कि प्रदेश में नाम रोशन किया है। उन्होने कहा कि चिकित्सक बेहतर उपचार देकर लोगों का जीवन बचा सकते हैं, लेकिन रक्तदान करने वाला व्यक्ति किसी का जीवन बचाने में अपना योगदान दे सकता है। उन्होने कहा कि मानव सेवा से बड़ा संसार में कोई कर्म नहीं है, स्वेच्छा से रक्तदान करने वाले व्यक्ति अपने जीवन में दान किये गये रक्त से कितने लोगों को नयी जिन्दगी देते हैं, इसकी जानकारी रक्तदाता को भी नहीं होती लेकिन वह मानवहित में निरतंर अपना सहयोग देते रहते हैं, ऐसे लोगों से हमें प्रेरणा लेकर मानव कल्याण के लिए कार्य करना होगा।
श्री सिंह ने कहा कि रक्तदान करने से मनुष्य कई बीमारियों से बच सकता है, रक्तदान करने से किसी प्रकार की कमजोरी नहीं होती बल्कि 48 घंटे के भीतर मनुष्य के शरीर में नया खून बनकर तैयार हो जाता है। उन्होने कहा कि प्रत्येक वयस्क, सेहतमंद व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए, रक्तदान करने के पश्चात शरीर में नया खून तेजी से बनता है, जोे रक्तदान करने वाले व्यक्ति को तमाम प्रकार बीमारियों से प्रतिरक्षित करता है।
जिलाधिकारी ने अमर उजाला फाऊंडेशन, उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ, पंजाब केसरी ग्रुप, गायत्री परिवार के पदाधिकारी एवं रक्तदाता सुमित गुप्ता, उत्तम गुप्ता, उमेश चंद्र, प्रबल प्रताप सिंह, सौरभ दिवाकर को प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।
इस दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आर.सी. गुप्ता, मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. संजय गुप्ता, ब्लड बैंक प्रभारी डा. विकास यादव उनकी टीम के अलावा रक्तदाता आदि उपस्थित रहे।
