बरेली। दिवाली के मौके पर जहां लोग अपने घरों की सफाई में जुटे थे, वहीं प्रेमनगर इलाके में एक परिवार के लिए यह सफाई भारी पड़ गई। सफाई के लिए बुलाया गया कर्मचारी ही भरोसे का चोर निकला। उसने रिटायर्ड बैंक अधिकारी के घर से करीब 15 लाख रुपये के जेवर और नकदी पार कर दी। वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। प्रेमनगर के धर्मकांटा चैराहे के पास राधा स्वामी एन्क्लेव में रहने वाले राजीव अग्रवाल, जो भारतीय स्टेट बैंक से रिटायर्ड हैं, 17 अक्तूबर को पत्नी आशा रानी के साथ मुरादाबाद में बेटी के घर दिवाली की मिठाई देने गए थे। इसी दौरान घर की सफाई के लिए बुलाया गया सफाईकर्मी आशीष सफाई पूरी करने के बाद घर में ही छिप गया। जब घर खाली हुआ तो उसने मौका पाकर अंदर रखे सोने-चांदी के जेवर और नकदी बैग में भर ली और फरार हो गया।
शाम को जब दंपती घर लौटे तो सबकुछ सामान्य नजर आया। लेकिन दिवाली की पूजा के दौरान जब चांदी का गिलास निकालने गए तो जेवर गायब मिले। शक होने पर राजीव अग्रवाल ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली, तो सारा माजरा सामने आ गया। करीब चार मिनट के फुटेज में आशीष बैग लेकर घर से निकलता नजर आ रहा है। पहले वह एक चाबी से दरवाजा खोलने की कोशिश करता है, और न खुलने पर दूसरी चाबी से ताला खोलकर अंदर दाखिल हो जाता है। कुछ देर सीढ़ियों पर बैठने के बाद छत पर जाता है, फिर बैग लेकर वापस लौटता है और चुपचाप निकल जाता है।राजीव अग्रवाल ने बताया कि आशीष उसी महिला का बेटा है जो उनकी पत्नी की मालिश के लिए कई सालों से घर आती रही है। कोरोना काल में जब पत्नी बीमार थीं, तब यह महिला लगातार सेवा में रही। दिवाली की सफाई के लिए उसी ने अपने बेटे को भेजा था। पिछले तीन सालों से आशीष उनके घर सफाई का काम करता था, इसलिए घर के हर कोने और कैमरे की लोकेशन तक की जानकारी उसे थी। चोरी के बाद उसने कैमरे का मेमोरी कार्ड भी निकाल लिया ताकि सबूत मिटा सके।प्रेमनगर थाना प्रभारी सुरेश चंद्र गौतम के मुताबिक, आरोपी की पहचान हो चुकी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं। आशीष अपनी मां के साथ किराये के मकान में रहता था, लेकिन वारदात के बाद दोनों घर से गायब हैं।
