अर्थराइटिस में ज़रूर करें ये एक्सरसाइज, जोड़ों का दर्द होगा कंट्रोल
September 30, 2025
गठिया एक आम समस्या है जो खासकर जोड़ों को प्रभावित करती है। यह समस्या तब होती है जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपने ही जोड़ों पर हमला करती है, जिससे जोड़ों में दर्द, सूजन, अकड़न और लालिमा जैसी समस्याएँ होती हैं। यदि आप भी गठिया या जोड़ों के दर्द से परेशान हैं, तो कुछ सरल योगासन आपकी मदद कर सकते हैं। ये योगासन न केवल दर्द को कम करते हैं, बल्कि जोड़ों की ताकत और लचीलापन भी बढ़ाते हैं।
गठिया और जोड़ों के दर्द में मददगार योगासन:
पश्चिमोत्तानासन: पश्चिमोत्तानासन करने के लिए सबसे पझले योगा मैट पर सीधे बैठ जाएँ और अपने पैर आगे की ओर फैलाएँ। साँस लेते हुए दोनों हाथ ऊपर सिर के ऊपर उठाएँ और पूरे शरीर को स्ट्रेच करें। साँस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुकें, अपने सिर को पैरों की ओर लाएं। कोशिश करें कि आप अपने पंजों को छू सकें, रीढ़ को सीधा और लंबा रखें। कुछ समय इस स्थिति में रहें, फिर साँस छोड़ते हुए धीरे-धीरे ऊपर आएँ और हाथ नीचे लाएं।
वीरभद्रासन: गठिया और जोड़ों के दर्द में वीरभद्रासन भी फायदेमंद है। सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएँ और अपने पैरों को कंधे की चौड़ाई से थोड़ा ज्यादा फैलाएँ। दाहिने पैर को 90 डिग्री बाहर मोड़ें और बाएँ पैर को लगभग 15 डिग्री अंदर मोड़ें। दोनों हाथ कंधों के स्तर पर उठाएं, हथेलियाँ ऊपर की ओर रखें। दाहिने घुटने को मोड़ें और सिर को दाहिनी ओर घुमाएँ। इस स्थिति में कुछ समय ठहरें, फिर धीरे-धीरे वापस सीधे हो जाएँ और हाथ नीचे लाएं।अब दूसरी तरफ भी यही प्रक्रिया दोहराएँ।
चक्रवाकासन: चक्रवाकासन करने के लिए सबसे पहले अपने हाथों की कलाइयाँ कंधों के नीचे और घुटनों को कूल्हों के नीचे रखें। साँस लें और पेट को नीचे की ओर धकेलते हुए छाती और ठुड्डी को ऊपर उठाएं। साँस छोड़ते हुए पेट को ऊपर उठाएं और रीढ़ को ऊपर की ओर गोल करें। इस प्रक्रिया को धीरे-धीरे और नियंत्रित गति से कई बार दोहराएं।
योग करते समय हमेशा धीरे-धीरे और आराम से योगासन करें। यदि दर्द या कोई असुविधा हो, तो योग विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। नियमित अभ्यास से जोड़ों की मजबूती बढ़ेगी और गठिया के दर्द में काफी राहत मिलेगी।
