भारत में दशहरा पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस साल ये पावन त्योहार 2 अक्तूबर 2025 को मनाया जाएगा। पंचांग अनुसार आश्विन शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को भगवान राम ने राक्षस रावण का वध किया था। इसलिए हर साल इस दिन को दशहरा और विजयादशमी के रूप में मनाया जाता है। दशहरा के दिन कई जगह पर आयुध पूजा भी की जाती है। तो वहीं जगह-जगह पर रावण के पुतलों का दहन भी किया जाता है। चलिए आपको बताते हैं दशहरा पूजा का मुहूर्त क्या रहेगा और रावण कब जलेगा।
दशहरा पूजा मुहूर्त 2025
दशहरा- 2 अक्टूबर 2025, गुरुवार
विजय मुहूर्त - 02:27 पी एम से 03:15 पी एम
अपराह्न पूजा का समय - 01:39 पी एम से 04:03 पी एम
दशमी तिथि प्रारम्भ - 01 अक्टूबर 2025 को 07:01 पी एम बजे
दशमी तिथि समाप्त - 02 अक्टूबर 2025 को 07:10 पी एम बजे
श्रवण नक्षत्र प्रारम्भ - 02 अक्टूबर 2025 को 09:13 ए एम बजे
श्रवण नक्षत्र समाप्त - 03 अक्टूबर 2025 को 09:34 ए एम बजे
रावण दहन मुहूर्त 2025
दशहरा के दिन रावण दहन प्रदोष काल में किया जाता है। प्रदोष काल का समय सूर्यास्त के बाद शुरू होता है और इस दिन सूर्यास्त का समय शाम 6 बजकर 26 मिनट का है और इसी के बाद से रावण दहन भी शुरू हो जाएगा।
भारत में दशहरा कैसे मनाते हैं?
भारत में दशहरा के दिन शाम में रावण उसके भाई कुंभकरण और पुत्र मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है। इस दौरान भव्य आतिशबाजी होती है। ये रामलीला का अंतिम दिन होता है। रावण दहने के बाद लोगों के माथे पर लाल या काला टीका लगाया जाता है।
विजय मुहूर्त - 02:27 पी एम से 03:15 पी एम
अपराह्न पूजा का समय - 01:39 पी एम से 04:03 पी एम
दशमी तिथि प्रारम्भ - 01 अक्टूबर 2025 को 07:01 पी एम बजे
दशमी तिथि समाप्त - 02 अक्टूबर 2025 को 07:10 पी एम बजे
श्रवण नक्षत्र प्रारम्भ - 02 अक्टूबर 2025 को 09:13 ए एम बजे
श्रवण नक्षत्र समाप्त - 03 अक्टूबर 2025 को 09:34 ए एम बजे
रावण दहन मुहूर्त 2025
दशहरा के दिन रावण दहन प्रदोष काल में किया जाता है। प्रदोष काल का समय सूर्यास्त के बाद शुरू होता है और इस दिन सूर्यास्त का समय शाम 6 बजकर 26 मिनट का है और इसी के बाद से रावण दहन भी शुरू हो जाएगा।
भारत में दशहरा कैसे मनाते हैं?
भारत में दशहरा के दिन शाम में रावण उसके भाई कुंभकरण और पुत्र मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है। इस दौरान भव्य आतिशबाजी होती है। ये रामलीला का अंतिम दिन होता है। रावण दहने के बाद लोगों के माथे पर लाल या काला टीका लगाया जाता है।
