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लखनऊ:नमक की ज्यादा खपत बढ़ा रही दिल की बीमारियां


लखनऊ/गोरखपुर स वर्ल्ड हार्ट डे के मौके पर गोरखपुर के डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लोगों की थाली में छिपा हुआ नमक दिल और किडनी की सेहत को धीरे-धीरे खोखला कर रहा है।उत्तर प्रदेश में हर चैथा वयस्क अब उच्च रक्तचाप यानी हाइपरटेंशन से जूझ रहा है। गोरखपुर में भी हालात चिंताजनक हैं। एक अध्ययन में पाया गया कि ग्रामीण गृहिणी महिलाओं में रक्तचाप की समस्या 22 प्रतिशत से अधिक है, वहीं शहर के स्कूलों में पढ़ने वाले किशोरों में भी करीब 5 प्रतिशत बच्चे इस रोग से प्रभावित हो रहे हैं। यह बढ़ते खतरे का संकेत है कि हाई ब्लड प्रेशर अब केवल बुजुर्गों की नहीं बल्कि युवाओं और बच्चों की भी बीमारी बन रहा है।विशेषज्ञ बताते हैं कि ज्यादा नमक खाने से शरीर में पानी रुकता है, खून का दबाव बढ़ जाता है और दिल को जरूरत से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। लगातार ऐसा होने से दिल की मांसपेशियां मोटी हो जाती हैं, धमनियों में कठोरता आती है और स्ट्रोक तथा हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि भारतीयों में ‘सॉल्ट सेंसिटिविटी’ अधिक पाई जाती है, यानी जितना नमक खाया जाए, उतना ही तेजी से रक्तचाप बढ़ता है। यही कारण है कि दिल और किडनी की बीमारियाँ यहां तेजी से बढ़ रही हैं।गोरखपुर में समस्या यह है कि नमक केवल खाने की प्लेट पर नहीं बल्कि पैक्ड स्नैक्स, बिस्कुट-ब्रेड, अचार, पापड़, होटल और रेस्तरां के पकवानों में भी छुपा होता है। टिफिन और बाहर का खाना खाने की आदत ने बच्चों और युवाओं में इस खतरे को और बढ़ा दिया है।सिटी हॉस्पिटल गोरखपुर के नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञ डॉ.एस्सार खान का कहना है, “ज्यादा नमक धीरे-धीरे दिल और किडनी को नुकसान पहुंचाता है। हम देख रहे हैं कि कम उम्र के मरीज भी केवल खानपान और लाइफस्टाइल की वजह से हाइपरटेंशन से ग्रस्त हो रहे हैं। अगर लोग अचार-पापड़ और पैक्ड स्नैक्स से दूरी बनाएं और ताजा घर का बना खाना खाएं तो हजारों हार्ट अटैक और स्ट्रोक रोके जा सकते हैं।”विशेषज्ञों का कहना है कि अगर रोजमर्रा के खाने में नमक की मात्रा थोड़ी भी कम कर दी जाए तो रक्तचाप में गिरावट आती है और दिल की बीमारियों से होने वाली मौतों की संख्या में बड़ी कमी लाई जा सकती है। गोरखपुर जैसे शहरों में, जहां अब भी बहुत से लोग यह नहीं जानते कि उन्हें ब्लड प्रेशर है, जागरूकता और नियमित जांच ही इस चुनौती का सबसे बड़ा जवाब हो सकता है।वर्ल्ड हार्ट डे याद दिलाता है कि दिल की सेहत केवल अस्पतालों में नहीं बल्कि हमारे घर की रसोई से तय होती है। आज अगर हम नमक घटा लें, तो कल गोरखपुर का दिल ज्यादा सुरक्षित और स्वस्थ धड़केगा।

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