मुहम्मदाबाद यूसुफपुर (गाजीपुर)। नवरात्र अष्टमी के पावन अवसर पर सोमवार की संध्या नगर के प्राचीन माता महाकाली मंदिर में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर प्रांगण दीपमालाओं से आलोकित हुआ तो वातावरण में गूंजते भजन और जयकारों ने भक्ति का अनुपम रंग घोल दिया।
संध्या सात बजे मंदिर के पट खुलते ही भक्तों की उमड़ी भीड़ माता के दर्शन हेतु बेताब दिखाई दी। माता महाकाली का दिव्य श्रृंगार कर नारियल, चुनरी, मिष्ठान और फल अर्पित किए गए। श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाकर सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। मान्यता है कि यहां की गई सच्चे मन की पूजा शीघ्र ही माता को प्रसन्न कर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करती है।
पूजन-अर्चन की पावन विधि मंदिर के आचार्य रामवृक्ष जी ने संपन्न कराई। वहीं पुजारी सत्य प्रकाश उर्फ मुकेश जी ने श्रद्धालुओं का अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया। जैसे ही आरती आरंभ हुई, पूरा मंदिर प्रांगण “जय माता दी” के जयकारों से गूंज उठा।
इस मौके पर क्षेत्राधिकारी सुधाकर पाण्डेय, कोतवाली प्रभारी राम सजन नागर, समाजसेविका मीरा राय समेत नगर और ग्रामीण अंचलों से आए हजारों भक्त शामिल हुए।
रात्रि में भजन संध्या की मधुर धुनों ने वातावरण को और अधिक भक्तिमय बना दिया। देर रात तक प्रसाद वितरण का क्रम चलता रहा और भक्त आनंदित भाव से माता की कृपा का प्रसाद ग्रहण करते रहे।
नवरात्र की यह अष्टमी महाकाली मंदिर में आस्था, भक्ति और उत्साह का ऐसा अद्वितीय पर्व बनी, जिसने हर श्रद्धालु के हृदय पर अमिट छाप छोड़ दी।
