लखनऊ। मोहनलालगंज नगर पंचायत मऊ में जय माँ दुर्गे श्रीकृष्ण लीला समिति द्वारा आयोजित पाच दिवसीय श्रीकृष्ण लीला का समापन मंगलवार 23 सितंबर 2025 को धूमधाम से हुआ। अंतिम दिन का मुख्य आकर्षण कंस वध प्रसंग रहा, जिसका दर्शकों को बेसब्री से इंतजार था शाम ढलते ही मंचन की शुरुआत कृष्ण और बलराम के मथुरा प्रवेश दृश्य से हुई। रंगीन रोशनी और ध्वनि व्यवस्था ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। दोनों भाइयों के प्रवेश पर तालियों और “जय श्रीकृष्ण” के उद्घोष से पूरा पंडाल गूंज उठा।
कंस द्वारा भेजे गए विशाल हाथी का वध और मल्लयुद्ध का मंचन हुआ। हाथी का पराक्रम और कृष्ण का साहस देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध रह गए।, जिसने लीला को और भी रोमांचक बना दिया कंस वध पर उमड़ा उत्साह समापन का सबसे चरम क्षण अत्याचारी कंस का वध रहा। मंच पर कंस और कृष्ण आमने-सामने आए। कंस की अकड़ और साम्राज्य दिखाने का प्रयास उस समय ध्वस्त हो गया जब कृष्ण ने उसे पाटकर सिंहासन से नीचे गिरा दिया। इस दृश्य पर पूरा वातावरण जयकारों से गूंज उठा-“धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो” और “राधे कृष्णा”।
कलाकारों की अदाकारी ने जीता मन कृष्ण की भूमिका निभा रहे संस्कार सिंह ने अपनी भावपूर्ण अदाकारी से दर्शकों का दिल जीत लिया। कंस की भूमिका में दीपक गुप्ता ने दमदार संवादों और हावभाव से खलनायक का सजीव चित्रण किया। राधा के रूप में कोशल धीमन ने भी दर्शकों को भावविभोर कर दिया।सम्मान और समापन समिति राजेंद्र गुप्ता बीबी और संजय गुप्ता, प्राशु गुप्ता, पंकज गुप्ता अनुज पांडे शिवराज सिंह शैलेंद्र सोनी और एक प्राचीन ने समापन अवसर पर सभी कलाकारों और सहयोगियों को सम्मानित किया। पाच दिवसीय इस भव्य लीला का सफल समापन हुआ।
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