लखनऊ। मध्य क्षेत्र के मुख्य अभियंता रवि अग्रवाल अपनी कार्यशैली के कारण हमेशा चर्चा में बने रहते हैं । पिछले दिनों उनके द्वारा किए गए निर्णय की पूरे मध्यांचल में चर्चा है जिसके तहत निलंबन उपरांत दो अवर अभियंताओं को बहाली कर अपने अधीन जोन में ही तैनाती प्रदान कर दी। विद्युत परीक्षण खंड में तैनात रहे परमात्मा प्रसाद पर एक चर्चित ठेकेदार को एमबी करने का दबाव बनाया जा रहा था इसके उपरांत उनको निलंबित कर दिया गया इसी प्रकार एक अन्य अवर अभियन्ता अशोक कुमार का भी निलंबन उपरांत बहाली कर मध्य जोन में तैनाती दे दी गई।
क्या है आदेश-इस संबंध में वर्ष 2024 में आदेश जारी होने के बाद पुनः अप्रैल 2025 में सभी डिस्कामो के प्रबंध निदेशक पंकज कुमार द्वारा एक आदेश जारी कर स्पष्ट रूप से कड़ाई से पालन करने को कहा गया था जिसके अनुसार निलंबन उपरांत कार्मिक को मुख्यालय पर समर्पण करना होगा मुख्यालय द्वारा ही उक्त कार्मिक की अन्यंत्र तैनाती की जाएगी
शीर्ष प्रबंधन की नहीं करते परवाह-सूत्रों के अनुसार वर्तमान अध्यक्ष उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन आशीष गोयल एवं रवि अग्रवाल एक ही इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र रहे हैं ।
अपर मुख्य सचिव ऊर्जा रहते हुए अध्यक्ष द्वारा नोएडा क्षेत्र में एक प्रकरण की कराई गई जांच के दौरान वहां पर अधीक्षण अभियंता के रूप में तैनात रहे रवि अग्रवाल विशेष कृपा पात्र बने एवं कुछ समय बाद ही उन्हें मुख्य अभियंता लखनऊ के रूप में तैनाती दे दी गई वहीं कुछ विशेष सूत्रों द्वारा दोनों का गृह जनपद पश्चिम क्षेत्र में सहारनपुर एवं मुरादाबाद बताया जा रहा है।
पड़ने लगी परंपरा-शीर्ष प्रबंधन द्वारा इस पर संज्ञान ना लिए जाने कोई कार्यवाही न किए जाने से अन्य जोन में भी यह परंपरा प्रचलित होने लगी है
जिसके अनुसार एक अन्य अधीक्षण अभियंता द्वारा गंभीर आरोपों में निलंबित ग्रामीण क्षेत्र के एक अवर अभियंता को अपने ही सर्किल में तैनात करने का अनुरोध मध्यांचल कार्यालय को भेजा गया। वही इस संबंध में पक्ष जानने हेतु दूरभाष पर प्रबंध निदेशक मध्यांचल जनसंपर्क अधिकारी मध्यांचल एवं मुख्य अभियंता मध्य क्षेत्र से संपर्क करने का प्रयास किया गया परंतु उनके फोन नहीं उठ सके।
