बरेली। शहर के मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज कराने गई एक युवती के साथ लापरवाही का चैंकाने वाला मामला सामने आया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टरों ने बिना बताए युवती की एक अंगुली काट दी और धोखे से उसके पिता से कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करा लिए। जब परिवार ने आपत्ति जताई तो अस्पताल प्रशासन ने गाली-गलौज कर धक्का देकर बाहर निकाल दिया।
पीलीभीत जिले के थाना जहानाबाद क्षेत्र के गांव भूड़ा मगरासा निवासी संगीता ने थाना बारादरी पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी बहन उषा गंगवार के पैर की दो अंगुलियां आपस में जुड़ी हुई थीं। परिजन इलाज के लिए 1 अगस्त को मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर लिया। 5 अगस्त को सर्जरी हुई और 8 अगस्त को छुट्टी दे दी गई। इस दौरान पट्टी बदलने के लिए दोबारा बुलाया गया।
संगीता के अनुसार, 18 अगस्त को जब वह पिता के साथ बहन को लेकर अस्पताल पहुंची तो डॉक्टरों ने भर्ती करने को कहा। दो दिन बाद बिना जानकारी दिए मरीज की एक अंगुली काट दी गई। जब परिजनों ने सवाल किया तो पता चला कि पिता से कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए थे। आरोप है कि सच्चाई जानने पर जब परिवार ने विरोध जताया तो अस्पताल प्रशासन ने अभद्रता की और मारपीट की धमकी देकर बाहर निकाल दिया। परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों की लापरवाही और मनमानी से उनकी बेटी का भविष्य अंधकारमय हो गया है। इलाज के नाम पर उनसे भारी रकम भी वसूली गई। वहीं पीड़िता की हालत अभी भी नाजुक बताई जा रही है। पीड़िता की बहन संगीता ने थाना बारादरी में शिकायत दर्ज कराते हुए दोषी डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस तहरीर के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
