लखीमपुर खीरी। मातृ एवं शिशु सुरक्षा हेतु जिले में कुशल जन्म सहायक प्रशिक्षण का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संतोष गुप्ता द्वारा जिला महिला चिकित्सालय में किया गया। इस दौरान सीएमएस डॉ ज्योति मेहरोत्रा भी मौजूद रही। प्रशिक्षण कार्यक्रम में 21 दिवसीय प्रशिक्षण जिसमें 08 सी०एच०ओ० (महिला) व एएनएम एवं स्टाफ नर्स को दिया जा रहा है। इससे पहले लगभग 214 से अधिक सी०एच०ओ० (महिला) व स्टाफ नर्स एवं एएनएम को कुशल जन्म सहायक का प्रशिक्षण स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिया जा चुका है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ संतोष गुप्ता ने बताया कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से कुशल जन्म सहायक प्रशिक्षण शासन के निर्देश पर दिया जा रहा है। इससे पूर्व लगभग 214 से अधिक सी०एच०ओ० (महिला) व स्टाफ नर्स एवं एएनएम को प्रशिक्षित किया जा चुका है। वहीं इस चरण में 48 से अधिक सी०एच०ओ० (महिला) व एएनएम एवं स्टाफ नर्स को प्रशिक्षित किया जाना है। इसके लिए प्रशिक्षण की शुरुआत सोमवार को सीएमएस जिला महिलाचिकित्सालय डॉ ज्योति मेहरोत्रा के नेतृत्व में की गई है। पहले बैच में 08 सी०एच०ओ० (महिला) व एएनएम एवं स्टाफ नर्स को 21 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण जिला महिला चिकित्सालय में दिया जाएगा। इस आवासीय प्रशिक्षण में सभी को मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने व अपने-अपने क्षेत्र में सुरक्षित प्रसव कराने को लेकर प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दूरस्थ क्षेत्र के लाभार्थियों को व ग्रामीण अंचलों में बसने वाले ग्रामीणों को इस प्रशिक्षण का पूर्ण लाभ मिलेगा। साथ ही संस्थागत प्रसव को बढ़ावा भी मिलेगा। चार चरणों में इस प्रशिक्षण को दिया जाएगा। जिसके माध्यम से उन सभी छूटी हुई सी०एच०ओ० (महिला) व एएनएम एवं स्टाफ नर्स को प्रशिक्षित किया जा रहा है जो इससे पहले दिए गए प्रशिक्षण में किन्हीं कारणों से प्रशिक्षित नहीं हो सकीं थीं। इससे पहले 214 से अधिक सी०एच०ओ० (महिला) व स्टाफ नर्स एवं एएनएम को कुशल जन्म सहायक का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला मातृ एवं बाल स्वास्थ्य परामर्शदाता लल्ला सिंह सहित, जिला कार्यक्रम प्रबन्धक अनिल यादव, जिला महिला चिकित्सालय से डॉ सुषमा, डॉ अनिल कुमार वर्मा बाल रोगध्एस०एन०सी०यू० इनचार्ज, जिला वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ शैलेंद्र सिंह एवं समस्त ट्रेनर आदि मौजूद रहे।
