मुंबई । भारत के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में से एक, बैंक ऑफ बड़ौदा ने पर्यावरणीय संवहनीयता, मजबूत सुरक्षा प्रथाओं और राष्ट्रीय गौरव पर केंद्रित सार्थक पहलों की एक श्रृंखला के साथ भारत का 79 वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। कॉर्पोरेट कार्यालय, मुंबई में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. देबदत्त चांद, सभी कार्यपालक निदेशकगण, अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने सहभागिता की।
स्वतंत्रता दिवस का मुख्य आकर्षण रहा बैंक के परिसर के भीतर एक विशिष्ट 6,000 वर्ग फुट ग्रीन जोन ष्बॉब फॉरेस्टष् का उद्घाटन, जिसे मुंबई में बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) में विकसित किया गया है। शहरी जैव विविधता के संरक्षण के उद्देश्य से, शहर के बीचोंबीच एक छोटा, किन्तु हरा-भरा परिवेश श्बॉब फॉरेस्टश् तैयार किया गया है।
श्बॉब फॉरेस्टश् में सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला और पश्चिमी महाराष्ट्र क्षेत्र से संबंधित मूल के 100 से अधिक देशज पेड़ और झाड़ियाँ लगाई गई हैं। इसके अतिरिक्त एक वर्षा जल संचयन प्रणाली, खाद-आधारित मिट्टी संवर्धन की पहल, बैठने के लिए इको-फ्रेंडली सिटिंग व्यवस्था तथा कर्मचारियों एवं आगंतुकों को प्रकृति के साथ जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए पैदल मार्ग की व्यवस्था भी की गई है। इसके अलावा एक सौर ऊर्जा संचालित गजेबो, ऑक्सीजन जनरेटर और एक बायो-गैस संयंत्र भी कार्यरत है, जो बैंककी पर्यावरणीय लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।इसके अलावा, बैंक ऑफ बड़ौदा ने एक महत्वपूर्ण दस्तावेज अपडेटेड सिक्योरिटी कम्पेंडियम का विमोचन भी किया जो भौतिक सुरक्षा, परिचालन जोखिम, और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रक्रियाओं और अद्यतन नियामक दिशानिर्देशों को कवर करने वाले बैंक के नवीनतम आंतरिक सुरक्षा दिशानिर्देशों को समेकित करता है। दस्तावेज का उद्देश्य सभी शाखाओं और कार्यालयों में सतर्कता और तत्परता की संस्कृति को बढ़ावा देना है।
इस अवसर पर, बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, डॉ. देबदत्त चांद ने कहा, ष्स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए देश के प्रति अपने देशप्रेम को पुनः अभिव्यक्त करने और एकता, अखंडता और प्रगति के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाने का एक बेहतरीन अवसर है। बैंक ऑफ बड़ौदा का प्रत्येक स्टाफ प्रतिदिन इन मूल्यों के प्रति खुद को प्रतिबद्ध बनाए रखने का प्रयास करता है क्योंकि हम बड़ौदियन्स पूरी लगन से अपने ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करते हुए देश के विकास में योगदान करने में गर्व का अनुभव करते हैं। इस वर्ष, हमने शहरी क्षेत्र को हरा-भरा बनाने के प्रयासों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाया हैष्।
इस अवसर पर देश भर के बड़ौदियंस ने भी उत्साहपूर्वक श्हर घर तिरंगाश् अभियान में भाग लिया, जो नागरिकों को सामूहिक रूप से देशभक्ति और गर्व के साथ अपने घरों और कार्यस्थलों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रेरित करता है।
20 जुलाई, 1908 को सर महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय द्वारा स्थापित, बैंक ऑफ बड़ौदा भारत के अग्रणी वाणिज्य बैंकों में से एक है। 63.97ः हिस्सेदारी के साथ, इसका मुख्य स्वामित्व भारत सरकार के पास है।
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