शाहबाद: कांवड़ यात्रा में शामिल होकर कमाया पुण्य लाभ
July 23, 2025
शाहबाद। कांवड़ यात्रा में शामिल होकर हजारों शिवभक्तों ने भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद पाया और पुण्य लाभ भी कमाया। आपको बतादें कि कांवड़ यात्रा मुख्य रूप से चार प्रकार की होती हैं जो सामान्य कांवड़, डाक कांवड़, खड़ी कांवड़ और दांडी कांवड़ के नाम से जानी जाती हैं। सामान्य कांवड़ यात्रा में भक्त अपनी सुविधा के अनुसार रुक-रुक कर यात्रा करते हैं, जबकि डाक कांवड़ में भक्त बिना रुके लगातार तब तक चलते रहते हैं, जब तक कि वे शिवलिंग पर जल अर्पित नहीं कर देते। खड़ी कांवड़ में भक्त कांवड़ को अपने कंधों पर सीधा खड़ा करके रखते हैं और उनके साथ एक सहयोगी भी होता है जो उन्हें सहारा देता है जबकि दांडी कांवड़ सबसे कठिन प्रकार की कांवड़ यात्रा है, जिसमें भक्त दंडवत (लेटकर) प्रणाम करते हुए अपनी यात्रा पूरी करते हैं। कहते हैं कि अलग-अलग प्रकार की कांवड़ यात्रा का विशेष लाभ है। भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न बनाने के लिए शिव भक्त अपनी-अपनी आध्यात्मिक क्षमता के अनुसार से कांवड़ यात्रा में शामिल होते हैं और भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न बनाने का पूरा प्रयास भी करते हैं ।मान्यता है कि भगवान भोलेनाथ के क्रोध से सृष्टि की रचना का समूल नाश हो सकता है, इसलिए भोलेनाथ को प्रसन्न रखना अत्यंत आवश्यक है। शिव तेरस पर हजारों की संख्या में शिव भक्तों ने भोलेनाथ का जल अभिषेक किया और बेल पत्री, धतूरा आदि के साथ प्रसाद भी चढ़ाया।