पीलीभीत। नगर पंचायत पकड़िया नौगवां में सोमवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने सामाजिक सौहार्द और सांप्रदायिक एकता की एक नई मिसाल पेश की। श्रावण मास में जलाभिषेक कर लौट रहे हिंदू कांवड़ियों का मुसलमानों ने जोरदार स्वागत कर सभी को भाईचारे का संदेश दिया। मुस्लिम समाज के लोगों ने फूल बरसाए, शीतल पेय वितरित किए और कांवड़ियों को शुभकामनाएं देकर उन्हें विदा किया।इस पहल ने यह स्पष्ट कर दिया कि कुछ लोग चाहे जितना भी हिंदू-मुस्लिम करके समाज में भेदभाव फैलाने की कोशिश करें, लेकिन जमीनी स्तर पर आज भी दिलों में एकता और प्रेम कायम है। मुस्लिम समाज के लोगों ने कहा कि ष्हमारा हिंदुस्तान हमें नफरत नहीं, मोहब्बत सिखाता है। हम सब एक हैं और हमेशा मिलकर रहेंगे।
यह पहला मौका नहीं है जब पकड़िया नौगवां के लोगों ने सौहार्द की अनूठी मिसाल पेश की हो। कोरोना महामारी के दौरान भी यहां टोपीधारी और तिलकधारी लोगों ने मिलकर हर दिन 200 से 300 लोगों के लिए भोजन तैयार कर जरूरतमंदों के घर-घर तक पहुंचाया था।
शिवभक्त कांवड़ियों ने भी मुस्लिम समाज के इस सौहार्दपूर्ण हमेजनतम का हृदय से स्वागत किया। कांवड़ यात्रा में शामिल धर्मेंद्र सिंह चैहान, अमित समेत अन्य श्रद्धालुओं ने कहा कि यह अनुभव उन्हें जीवन भर याद रहेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रेमपूर्ण व्यवहार से समाज में एकता की भावना मजबूत होती है।
नगर पंचायत की इस पहल ने उन लोगों को करारा जवाब दिया है जो समाज में धर्म के नाम पर नफरत फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करते हैं। पकड़िया नौगवां के मुसलमानों ने यह सिद्ध कर दिया कि भारत की असली पहचान गंगा-जमुनी तहजीब है, जहां सभी धर्मों का सम्मान किया जाता है।स्थानीय लोगों,जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की घटनाएं ही समाज को जोड़ती हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनती हैं।
