बलियाः भीषण उमस में बिजली संकट से दिन-रात बिलबिला रहे लोग
July 23, 2025
बलिया। बैरिया तहसील क्षेत्र में भीषण उमस भरी गर्मी के बीच बिजली संकट से क्षेत्रीय लोग दिन-रात बिलबिला रहे हैं। बिजली कब रहेगी और कब गायब हो जाएगी, इसका कोई भरोसा नहीं है। वैसे तो गत दिनों से आसमान में बादलों की आवाजाही से लोग बारिश आस लगाए रहे। लेकिन बारिश के बजाए भीषण उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। इस भीषण गर्मी में बिजली की आंख- मिचैली भी लगातार जारी है। जिससे लोगों को मुश्किलें और बढ़ गई। उमस भरी गर्मी के बीच बिजली संकट ने कोढ़ में खाज का काम कर रही है। आलम यह है कि लगातार बिजली फाल्ट, मरम्मत और ओवरलोड के नाम पर बिजली का बार-बार आना-जाना उपभोक्ताओं को बेहाल कर दिया है। इस उमस भरी भीषण गर्मी में बिजली की बेतहाशा कटौती से सबसे ज्यादा महिलाएं व बच्चे परेशान हैं। जिससे बिजली की आवाजाही से क्षेत्रीय लोगों का भी सब्र टूट रहा है, जो कभी भी फूट सकता है। इस समस्या पर बिजली विभाग के अधिकारियों कि दलील है कि ओवरलोड के चलते लगातार बिजली की समस्या बढ़ी है। गांव तो दूर शहरी क्षेत्र में ही उपभोक्ता भी बिजली कटौती से काफी परेशान है। शहरी क्षेत्र में भी सही तरीके से बिजली नहीं मिल रही है। अगर बिजली आपूर्ति की बात करें तो उमस भरी गर्मी में रात-दिन में बमुश्किल देहात में पांच से छह घंटे तो शहरी क्षेत्र में आठ से दस घंटे ही बिजली मिल पा रही है।तहसील उपकेंद्र बैरिया और देहात उपकेंद्र बैरिया से दिन में बिजली मरम्मत के नाम पर बिजली गुल रह रही है, तो वहीं रात को भी ओवरलोड और 33 हजार हाईटेंशन विद्युत फाल्ट के चलते घंटों बिजली गुल हो रही है। यही कारण है कि उमस भरी गर्मी में लोग बिलबिला रहे हैं और बिजली व्यवस्था को कोस रहे हैं। बहरहाल पड़ रही उमस भरी गर्मी में पिछले कई दिनों से अघोषित बिजली कटौती ने लोगों को बेहाल कर दिया है।बिजली कटौती को लेकर क्षेत्रीय लोगों का कहना है अगर समान्य मौसम में बिजली जर्जर हो चुकी बिजली व्यवस्था को ठीक कर लिया जाता तो इस भीषण गर्मी में इस तरह की समस्या उत्पन्न नहीं होती। लेकिन जब समान्य मौसम रहता है, तो विभागीय जिम्मेदार कुंभकर्णी नींद में सोए रहते हैं और जब गर्मी का मौसम आता है तो तरह-तरह की तकनीक समस्याओं का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। जिसका खामियाजा बिजली उपभोक्ताओं को झेलना पड़ता है। बिजली की चरमराई व्यवस्था को लेकर लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि अगर बिजली व्यवस्था जल्द ठीक नहीं हुई तो आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।