उन्नाव/सफीपुर। जिले के सफीपुर कोतवाली क्षेत्र में कोतवाली प्रभारी सुब्रत नारायण तिवारी ने मानवता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए एक छात्रा की परीक्षा बचाई। लखनऊ के जानकीपुरम निवासी मुरारी सिंह अपनी पुत्री ऋषिका सिंह को समीक्षा अधिकारी की परीक्षा दिलाने रविवार सुबह सफीपुर पहुंचे थे।
ऋषिका काफी समय से इस परीक्षा की तैयारी कर रही थी। उसका परीक्षा केंद्र राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, सफीपुर निर्धारित था। अनभिज्ञता के कारण दोनों बम्हना गांव स्थित श्रीमती स्वर्णलता बालिका इंटर कॉलेज पहुंच गए। वहां पता चला कि परीक्षा यहां नहीं है।
इसके बाद दोनों सफीपुर के लिए रवाना हुए। मियागंज क्रॉसिंग के पास पहुंचने पर रेल फाटक बंद मिला। इधर परीक्षा का समय भी पूरा हो चुका था। बेटी की मेहनत पर पानी फिरता देख पिता-पुत्री दोनों मायूस हो गए। वे वहीं खड़े होकर रोने लगे।उसी समय स्कूल निरीक्षण से लौट रहे कोतवाली प्रभारी सुब्रत नारायण तिवारी की नजर रोते हुए पिता-पुत्री पर पड़ी। उन्होंने गाड़ी रुकवाई और युवती से रोने का कारण पूछा। सारी बात जानने के बाद कोतवाल ने तत्काल दोनों को अपनी सरकारी गाड़ी से परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया।समय रहते परीक्षा केंद्र पहुंचकर ऋषिका ने परीक्षा दी। परीक्षा के बाद छात्रा व उसके पिता ने कोतवाली प्रभारी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अगर वह न होते तो बेटी की वर्षों की मेहनत पर पानी फिर जाता।कोतवाली प्रभारी सुब्रत नारायण तिवारी की इस तत्परता और संवेदनशीलता की क्षेत्र में खूब सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि अगर हर अफसर इसी संवेदनशीलता से काम करें, तो समाज में पुलिस के प्रति विश्वास और बढ़ेगा। यह घटना पुलिस के मानवीय चेहरे को उजागर करती है और एक अधिकारी के रूप में तिवारी जी की जिम्मेदारी का उदाहरण पेश करती है।