अभा अधिवक्ता परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पारित हुआ अहम प्रस्ताव
प्रतापगढ़। अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक गत दिनों आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में आयोजित की गई। उक्त बैठक में पूरे देश से सभी प्रांतीय इकाईयों का प्रतिनिधित्व रहा। अवध प्रांत का प्रतिनिधित्व कर रही अधिवक्ता परिषद अवध प्रांत की प्रांतीय महामंत्रीं मीनाक्षी परिहार सिंह ने बताया कि दस सूत्रीय प्रस्ताव के माध्यम से न्यायधीशों की नियुक्ति एवं कार्यव्यवहार में जवाबदेही व पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 13 अप्रैल को हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में महत्वपूर्ण प्रस्ताव को पारित किया गया।प्रस्ताव के महत्व को रेखांकित करते हुए अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष के. श्रीनिवास मूर्ति ने बताया कि न्यायधीशों की नियुक्ति के लिए नया कानून बनाने की आवश्यकता है, जिससे न्यायमूर्ति की नियुक्ति की प्रक्रिया और उनके न्यायिक आचरण की निगरानी अधिक पारदर्शिता के साथ की जा सके। उन्होंने बताया कि साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि इस प्रक्रिया में न्यायपालिका की प्रमुख भूमिका बनी रहे। मीनाक्षी परिहार सिंह ने बताया कि बैठक में उक्त संदर्भ में अनेक बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए न्यायपालिका व न्यायप्रक्रिया में सुधार के लिए उक्त प्रस्ताव को पारित किया गया है। अभा अधिवक्ता परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पारित प्रस्ताव की जानकारी पर राष्ट्रीय परिषद की सदस्य किरण बाला सिंह, प्रतापगढ़ ईकाई के महामंत्री शिवेश शुक्ला,पूर्व जिलाध्यक्ष महेश कुमार गुप्ता,उपाध्यक्ष रवि सिंह,आशीष मौर्या,भरत,सतीश दूबे,रूप नारायण सरोज,अभिषेक शर्मा, राजाराम सरोज, आशीष,जया शर्मा,ममता सरोज,कविता, संध्या मोदनवाल,शिव शंकर,अवनीश,अनुराग मिश्रा,राहुल सिंह,शिव कुमार पुष्पजीवी, संतोष दूबे,जे पी सिंह,अमरीश दूबे,राकेश चैरसिया,अजय ओझा,मनोज,आरजू आदि ने उक्त प्रस्ताव को वर्त्तमान समय मे महत्वपूर्ण प्रस्ताव बताते हुए हर्ष व्यक्त करते हुए सराहना किया।
