लखनऊ: संत आशाराम जी की ससम्मान रिहाई हेतु प्रेस कांफ्रेंस, विशाल न्याय यात्रा का किया गया आयोजन
March 09, 2025
लखनऊ। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में देश के 750 जिला केंद्रों पर विशाल रैली और धरना प्रदर्शन के तहत महिला उत्थान मंडल की हजारों बहनों ने सनातन संस्कृति के रक्षक संत आशाराम बापू के लिए न्याय की मांग की,प्रेस कांफ्रेंस हुई तथा विशाल न्याय रैली निकाली गई ।प्रेस कांफ्रेंस में बताया गया कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनके 11 करोड़ शिष्य हैं । सभी शिष्य की माता , बहन और पत्नी होना स्वाभाविक है । गुणा भाग करें तो 44 करोड़ होतें हैं । उन सभी के संवैधानिक आस्था का हनन हो रहा है । लगभग 11 वर्षों बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें उचित इलाज हेतु अंतरिम जमानत दी है । सुप्रीम कोर्ट को साधुवाद है । देश भर में ऐसे अनगिनत मामले प्रकाश में आये हैं जहां पॉक्सो एक्ट का जमकर दुरुपयोग हुआ है । यह एक्ट महिला और पुरुष में वैमनस्यता प्रदान करता है । इस एक्ट में सुधार की आवश्यकता है । स्वामी विवेकानंद जी के बाद बापू ऐसे पहले संत हैं जिन्होंने विश्वधर्म संसद शिकागो को सम्बोधित कर पूरे विश्व में आध्यात्मिक क्रांति लाई । इतना भयंकर कुप्रचार होने के बाद आज भी 44 करोड़ साधक भक्तों की श्रद्धा टस से मस नहीं हुई । पूरे विश्व में 14 फरवरी मातृ - पितृ पूजन दिवस के सफल आयोजन हेतु उन्हें अमेरिका जैसे सुपर पावर देश के कैलिफोर्निया विधानसभा द्वारा सन 2020 में सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया । मीडिया रिपोर्ट अनुसार इस वर्ष देश में 71 करोड़ माता - पिता 14 फरवरी को लाभान्वित हुए । ऐसे अनगिनत जनहितैषी सेवाकार्य गूगल पर सर्च किये जा सकतें हैं । करोड़ों - करोड़ों लोगों की आस्था और एक लड़की का तथाकथित झूठा आरोप य तुलना करके निर्णय करें । संत हमारी सनातन संस्कृति की पहचान हैं , उन पर अत्याचार बन्द कर उनकी ससम्मान रिहाई हो य ऐसी हम सब की मांग है । प्रेस कॉन्फ्रेंस, न्याय यात्रा के समय हजारों की संख्या मे माताएं, बहनें उपस्थित रहीं । समिति के अध्यक्ष उमेश आहूजा, लखनऊ आश्रम के संचालक भूरा भाई, महिला उत्थान मंडल की समस्त बहनों ने सहयोग किया ।
