गुड़िलोवा में होगी RSS की अखिल भारतीय समन्वय बैठक
August 19, 2026
विशाखापट्टनम के समीप स्थित गुड़िलोवा के 'विज्ञान विहार' विद्यालय में RSS की 'अखिल भारतीय समन्वय बैठक' आयोजित हो रही है। बैठक से पूर्व अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बताया कि यह 19 अगस्त की सुबह 9 बजे शुरू होकर 21 अगस्त की शाम तक चलेगी। हर साल होने वाली अखिल भारतीय समन्वय की बैठक में संघ की प्रेरणा से कार्य कर रहे कुल 32 संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी भाग लेंगे। बैठक में डॉ. मोहन भागवत, दत्तात्रेय होसबाले, सभी सह सरकार्यवाह और अन्य केंद्रीय अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
समन्वय बैठक में संघ से प्रेरित अन्य संगठनों जैसे भारतीय मजदूर संघ, विश्व हिन्दू परिषद, भारतीय जनता पार्टी, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, भारतीय किसान संघ, राष्ट्र सेविका समिति सहित अन्य के राष्ट्रीय अध्यक्ष, महामंत्री, अखिल भारतीय संगठन मंत्री और कुछ चयनित कार्यकर्ता भाग लेंगे। बैठक में संगठनों से 49 महिलाओं सहित कुल 253 प्रमुख कार्यकर्ता और संघ के पदाधिकारियों को मिलाकर 327 प्रतिनिधि अपेक्षित हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बैठक कोई निर्णय लेने वाली (कार्यकारी/एग्जीक्यूटिव) बैठक नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य समाज हित में कार्यरत विभिन्न संगठनों के बीच आपसी अनुभवों को साझा करना है। बैठक में संगठनों में परस्पर समन्वय को बेहतर करने पर भी चर्चा होगी। इसे साथ ही समसामयिक विषयों पर भी चर्चा होगी। इसमें देश की वर्तमान स्थिति, सामाजिक परिवर्तन और समस्याओं के समाधान की समीक्षा की जाएगी। जनसांख्यिकीय असंतुलन, डेमोग्राफिक बदलाव के परिणामों और उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों पर भी विचार-विमर्श होगा। इसके अलावा युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं तथा आने वाले समय में सभी संगठन क्या कर सकते हैं, इस विषय पर भी बैठक में चर्चा होगी। नशा मुक्ति के साथ ही युवाओं में जागृति के लिए अन्य विषयों पर भी चर्चा होगी।संघ के स्वयंसेवकों तथा विविध संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पंच परिवर्तन पर प्रयास प्रारंभ कर दिए हैं। अब शताब्दी वर्ष पूर्ण होने पर इन विषयों को कैसे आगे ले जाना है तथा विभिन्न संगठनों की भूमिका पर भी बैठक में चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि विकास के मॉडल पर लगातार चर्चा होती है। हमारा कॉन्सेप्ट, विकास की अवधारणा क्या है। विकास केवल आर्थिक वृद्धि तक सीमित नहीं है, उसके विभिन्न आयाम जुड़े हुए हैं। बैठक में इन पर भी चर्चा होगी और आने वाले समय में विभिन्न संगठन अपनी योजना बनाएंगे। आर्थिक पहलुओं के साथ-साथ सभी क्षेत्रों को संतुलित करने वाले एक समग्र 'भारतीय विकास मॉडल' पर विस्तृत चर्चा होगी।
संघ शताब्दी वर्ष के दौरान में समाज में आरएसएस के प्रति आकर्षण काफी बढ़ रहा है। संघ की वेबसाइट पर 'जॉइन आरएसएस' के माध्यम से वर्ष 2025 में जनवरी से जुलाई के बीच 55,423 लोगों ने संघ से जुड़ने के लिए पंजीकरण करवाया था, जबकि 2026 में इसी अवधि के दौरान संख्या ढाई गुना बढ़कर 1,23,287 हो गई है। जुलाई 2025 में संख्या 9,718 रही, जबकि जुलाई 2026 में 24,086 लोगों ने इच्छा व्यक्त की है। इनमें 30 वर्ष से कम आयु के युवा लगभग 65 प्रतिशत हैं और 40 वर्ष से कम आयु के लोग 85 प्रतिशत हैं।
