इसके बाद 21 जुलाई को गुरुग्राम के हंस एन्क्लेव में छापेमारी की गई। यहां से 9.7 किलो एम्फेटामाइन और 67.84 किलो स्यूडोएफेड्रिन बरामद हुआ और नाइजीरियाई नागरिक अबुची जॉर्ज ओकोरी गिरफ्तार हुआ। अबुची का मेडिकल अटेंडेंट वीजा जून 2015 में समाप्त हो गया था, इसके बाद भी वह भारत में अवैध रूप से रह रहा था। जांच में मिली बैकवर्ड लिंक के आधार पर दिल्ली के महरौली स्थित एक ठिकाने पर 3 अगस्त को कार्रवाई की गई। महरौली से 318 ग्राम कोकीन और 6 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इस कार्रवाई में दो नाइजीरियाई नागरिक उचेन्ना स्टीफन न्वांको और चिकीजी जोशुआ इग्वे गिरफ्तार किए गए। दोनों आरोपी 13 साल से ज्यादा समय से भारत में अवैध रूप से रह रहे थे। कार्रवाई के दौरान एक अफ्रीकी महिला ने भागने की कोशिश में बालकनी से छलांग लगा दी, जिससे वह घायल हो गई। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है और उसकी पहचान की जा रही है।
अवैध रूप से भारत में रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके ड्रग नेटवर्क से संबंधों की जांच के लिए NCB सितंबर 2026 के पहले सप्ताह से “ऑपरेशन त्रिनेत्र” शुरू करेगी। दो हफ्ते तक चलने वाले देशव्यापी अभियान में NCB के साथ राज्य/UT पुलिस और इमिग्रेशन अधिकारी शामिल होंगे। अभियान में विदेशी नागरिकों के वीजा और इमिग्रेशन स्टेटस की जांच, संदिग्ध गतिविधियों और ड्रग तस्करी नेटवर्क से उनके लिंक की पड़ताल की जाएगी। ड्रग तस्करी में संलिप्त पाए जाने वाले विदेशी नागरिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि कुछ समय पहले जानकारी आई थी कि मुंबई पुलिस ने भी बीते 4 साल में 10,866 किलोग्राम ड्रग्स जब्त किए हैं जिनकी अनुमानित कीमत 6,738 करोड़ रुपये से अधिक है।
NCB का फोकस सिर्फ ड्रग्स की खेप पकड़ने पर नहीं, बल्कि पूरे ड्रग तस्करी नेटवर्क, उसके Facilitators और सपोर्ट सिस्टम को खत्म करने पर है। NCB ने होटल, गेस्ट हाउस, मकान मालिक और रहने की अन्य सुविधा देने वालों से विदेशी नागरिकों के ठहरने से जुड़ी कानूनी जानकारी समय पर संबंधित अधिकारियों को देने की अपील/निर्देश पर जोर दिया है। NCB के मुताबिक, विदेशी नागरिकों के अवैध रूप से रुकने की निगरानी सिर्फ इमिग्रेशन नियमों के लिए नहीं, बल्कि संगठित अपराध और ड्रग तस्करी को रोकने के लिए भी अहम है।
