इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय पेपर लीक मामले में दूसरी FIR दर्ज, प्रोफेसर योगेश और दो छात्रों को बनाया आरोपी, अब तक 6 गिरफ्तार
August 23, 2026
छत्तीसगढ़ के रायपुर में पुलिस ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय पेपर लीक मामले में दूसरी एफआईआर दर्ज कर ली है। 7 अगस्त पेपर लीक मामले में प्रोफेसर योगेश और 2 छात्रों के खिलाफ तेलीबांधा थाना में केस दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। पेपर लीक के आरोप में पहले ही छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और इससे जुड़े अन्य आरोपियों का पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस ने दुर्ग जिले के एक निजी कृषि महाविद्यालय के प्रोफेसर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, बीएससी सेकेंड ईयर के विद्यार्थियों के लिए 20 अगस्त को होने वाली एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा का प्रश्न पत्र कथित तौर पर लीक होने के बाद रद्द कर दिया गया था।
रायपुर के पुलिस उपायुक्त (अपराध एवं साइबर) स्मृति राजनाला ने बताया कि शिकायत मिलने के 36 घंटे के भीतर दुर्ग स्थित भारती एग्रीकल्चर कॉलेज के प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया (38), अजय नायक (20), त्रिदेव पटेल (22), नितिन पांडेय (22), अनुज मिंज (22) और आदित्य साहू (20) को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं स्नातक परीक्षा प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ. एनआर रंगारे ने तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के अनुसार, 20 अगस्त को सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी 28 कृषि महाविद्यालयों में बीएससी (कृषि) द्वितीय वर्ष द्वितीय सेमेस्टर के एजीसीएच-221 (कीटशास्त्र) विषय की परीक्षा निर्धारित थी। राजनाला ने बताया कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही 20 अगस्त की सुबह करीब 8:41 बजे कवर्धा स्थित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र के ई-मेल पर और करीब 8:54 बजे संबंधित अधिकारियों के ई-मेल पर प्रश्न पत्र लीक होने की सूचना मिली। उन्होंने बताया कि इसके अलावा छात्रों और छात्र प्रतिनिधियों ने व्हाट्सऐप के माध्यम से प्रश्न पत्र के कुछ प्रश्नों के वायरल होने की जानकारी विश्वविद्यालय को दी।
