पूजा पाल की ओर से अदालत में पेश वकील ने कहा कि जनवरी 2005 में राजू पाल समेत तीन लोगों की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि हमले में एके-47 जैसे अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल हुआ था। याचिका में दावा किया गया है कि आबिद प्रधान और जावेद ने जमानत लेते समय अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि और मामले से जुड़े अहम तथ्यों की जानकारी अदालत से छिपाई। इसी आधार पर उनकी जमानत पर सवाल उठाए गए हैं।
जनवरी 2005 में प्रयागराज में तत्कालीन बसपा विधायक राजू पाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनकी पत्नी पूजा पाल ने धूमनगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में तत्कालीन सांसद अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ उर्फ खालिद अजीम समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया था। 6 अप्रैल 2005 को पुलिस ने विवेचना के बाद अतीक और अशरफ समेत कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की। इस हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल भी बाद में निशाने पर आ गए। फरवरी 2023 में धूमनगंज इलाके में उनके घर के बाहर बम और गोलियों से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई। इस हमले में उनके दो सुरक्षाकर्मी भी मारे गए थे। उमेश पाल हत्याकांड में भी अतीक अहमद और उसके गिरोह पर गंभीर आरोप लगे।
राजू पाल हत्याकांड के प्रमुख आरोपियों में शामिल अतीक अहमद और अशरफ की अप्रैल 2023 में प्रयागराज में पुलिस हिरासत के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दोनों मीडिया से बातचीत कर रहे थे, तभी पत्रकारों के भेष में पहुंचे हमलावरों ने उन पर गोलियां चला दीं। इस घटना से पूरे राज्य में हड़कंप मच गया था।
