राहुल गांधी का अब उत्तर प्रदेश पर फोकस, बोले-छात्रों की मेहनत में कमी नहीं, सिस्टम की नीयत में कमी
August 07, 2026
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के प्रयागराज में प्रस्तावित छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. 8 अगस्त को केपी ग्राउंड में होने वाले कार्यक्रम की अनुमति रद्द किए जाने के बाद राहुल गांधी ने भाजपा सरकार और प्रशासन पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया है. राहुल ने कहा कि सरकार चाहे जितनी कोशिश कर ले, उन्हें छात्रों के मुद्दे उठाने से नहीं रोक सकती.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा कि वह प्रयागराज आ रहे हैं, जहां देशभर के सबसे ज्यादा युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. उन्होंने पेपर लीक, रुकी हुई भर्तियों, वर्षों से चल रहे इंतजार और जवाबदेही की कमी को लेकर सरकार पर निशाना साधा
राहुल गांधी ने कहा कि प्रयागराज का हर छात्र जानता है कि व्यवस्था बेईमान हो चुकी है. उन्होंने कहा कि छात्रों की मेहनत में कोई कमी नहीं है, बल्कि कमी उस व्यवस्था की नीयत में है, जो उनकी मेहनत का उचित परिणाम नहीं देती. उन्होंने पेपर लीक और भर्तियों के वर्षों तक लंबित रहने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि छात्रों को अपनी मेहनत का परिणाम पाने के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है, लेकिन इसकी जवाबदेही किसी की तय नहीं होती.
राहुल गांधी ने कोटा और देहरादून में छात्रों की ओर से उठाई गई आवाज का भी जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में इन्हीं मुद्दों को लेकर आवाज उठाने वाले छात्रों पर लाठियां चलाई गईं. राहुल ने कहा कि जब आवाज एकजुट होकर उठती है तो सरकार को झुकना पड़ता है.
राहुल गांधी ने 'एक्स' पर एक अन्य पोस्ट में कहा, "सरकार चाहे जितनी कोशिश कर ले, लेकिन मुझे छात्रों के मुद्दे उठाने से नहीं रोक सकती." उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सवाल पूछने पर लाठी और आवाज उठाने पर पैलेट गन चलवाती है. उन्होंने कहा कि प्रशासन छात्रों की आवाज दबाने और प्रस्तावित कार्यक्रम को रोकने की कोशिश कर रहा है.
राहुल गांधी का छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम 8 अगस्त को केपी ग्राउंड में प्रस्तावित था. इससे पहले 5 अगस्त को कायस्थ पाठशाला (केपी) ट्रस्ट ने शहर कांग्रेस कमेटी को पत्र भेजकर मैदान उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई थी. इसके बाद कार्यक्रम की अनुमति को लेकर विवाद शुरू हो गया.
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि उनके पास 30 सितंबर को जारी की गई अनुमति और शुल्क जमा करने की रसीद मौजूद है. उन्होंने दावा किया कि सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और केपी ग्राउंड में राहुल गांधी का छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा.
अजय राय ने कहा कि राहुल गांधी के कार्यक्रम का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम भी प्राप्त हो चुका है और जिला प्रशासन ने सहयोग करने की बात कही है. केपी ग्राउंड की अनुमति रद्द किए जाने पर अजय राय ने कहा कि यदि ट्रस्ट की मंशा कांग्रेस के खिलाफ होती तो शुरुआत में अनुमति नहीं दी जाती. उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में दबाव में आकर फैसला बदला गया.
अजय राय ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी का कार्यक्रम राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं के साथ संवाद का कार्यक्रम है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी युवाओं के भविष्य, रोजगार और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर छात्रों से चर्चा करेंगे. उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में किसी रोड शो की योजना नहीं है. देशभर में पंजीकरण अभियान चलाया जा रहा है और मिस्ड कॉल तथा क्यूआर कोड के जरिए बड़ी संख्या में युवाओं ने पंजीकरण कराया है.
कांग्रेस के मुताबिक, राहुल गांधी के कार्यक्रम के लिए केपी ग्राउंड में करीब दो करोड़ रुपये की लागत से पंडाल तैयार किया जा रहा था. कार्यक्रम में राहुल गांधी के प्रवेश के दौरान करीब 10 लाख रुपये की आतिशबाजी की योजना भी बताई गई थी. कार्यक्रम के लिए कैटरिंग की जिम्मेदारी दिल्ली की एक कंपनी को दी गई थी. पंडाल में एक विशेष कॉरिडोर भी बनाया गया था, जहां से राहुल गांधी को छात्रों के साथ संवाद करना था.
