आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक जिनको भूख कम लगती है, उसके लिए मुनक्का बहुत फायदेमंद है। ये मेवा नहीं बल्कि दिव्य औषधि की तरह काम करताहै। जिनको भूख कम लगती है वो दूध में मुनक्का उबाल कर नियमित रूप से सेवन कर सकते हैं। इससे भूख बढ़ती है और कब्ज की समस्या दूर रहती है। कब्ज के रोगी अगर 30-40 मुनक्का रात को दूध में डाल के उबाल करके पीते हैं तो फायदा होगा। इससे शारीरिक कमजोरी दूर होगी, भूख भी बढ़ेगी, पेट भी साफ होगा। जिनको ज्यादा कब्ज है वो लोग इसमें थोड़ी ईसबगोल की भूसी मिलाकर भी खा सकते हैं। हालांकि आयुर्वेद में पेट साफ करने के लिए कई सारी औषधियां हैं, जिसमें साफ करने वाले गुण होते हैं। इसके लिए त्रिफला और पंचसकार काफी असरदार है। लेकिन दूध में मुनक्का डालकर पीना एक बहुत ही गुणकारी लाभकारी उपयोग है।
त्रिदोष बिगड़ने से शरीर में पनपते हैं रोग
आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा ने बताया कि शरीर में बीमारियों का कारण त्रिदोष का बिगड़ना माना जाता है। आयुर्वेद के एक प्रसिद्ध श्लोक के अनुसार-
सर्वेषामेव रोगाणां निदानं कुपिता मलाः।
तत्प्रकोपणमेतत्तु विविधैर्हेतुभिर्भवेत्॥
(अष्टांगहृदयम्, निदानस्थान 1.12)
जिसका अर्थ है शरीर में सभी बीमारियों की मूल वजह वात, पित्त और कफ दोषों का असंतुलित या दूषित होना है। यह असंतुलन या दोष कई कारणों से पैदा होता है, जैसे कि गलत खान-पान की आदतें, अस्वस्थ जीवनशैली और ऐसी जीवनशैली जो प्राकृतिक सेहत के खिलाफ हो। आयुर्वेदिक विशेषज्ञ के अनुसार, सभी रोगों का इलाज एक ही है कि बॉडी के कुपित मल जो जम गए उनकी सफाई की जाए। बॉडी को डिटॉक्स करें, जब शरीर से गंदगी निकल जाएगी तो रोग खुद ही ठीक हो जाएगा।
