प्रतापगढ़ में 6 मौतों के बाद जागा प्रशासन, 451 जर्जर मकानों पर कसा शिकंजा
August 07, 2026
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित महुली इलाके में गुरुवार तड़के भारी बारिश के कारण एक करीब 100 साल पुराना जर्जर मकान अचानक ढह गया। इस दर्दनाक हादसे में घर के अंदर सो रहे एक ही परिवार के छह लोगों की मलबे में दबकर मौत हो गई, जिनमें 60 वर्ष के बुजुर्ग से लेकर दो वर्ष और छह महीने के मासूम बच्चे भी शामिल थे। घटना की जानकारी मिलते ही रात ढाई बजे बचाव अभियान शुरू किया गया और दोपहर तक पोस्टमार्टम के बाद सभी का अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया। शासन ने पीड़ित परिवार के लिए 26.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है।
इस भीषण हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों पर जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। किसी अन्य बड़े हादसे को रोकने के लिए प्रशासन ने अगले सात दिनों का विशेष अभियान शुरू किया है, जिसके तहत जिले भर में 451 खतरनाक और जर्जर मकानों को चिन्हित किया गया है। इस दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवाने वालों में एक ही परिवार के प्रमोद श्रीवास्तव, रीता, नितिन, माधुरी, माधव और अद्विक हैं। वहीं, हादसे के दौरान परिवार के ही अमन (पुत्र प्रमोद, उम्र 28 वर्ष) बाल-बाल बच गए। उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और उनकी स्थिति पूरी तरह सामान्य व स्वस्थ है।
प्रशासन ने खतरनाक इमारतों में रह रहे लोगों की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया है। युद्धस्तर पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत अब तक 304 से अधिक लोगों को उनके जर्जर मकानों से निकालकर रैन बसेरों और अन्य सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा चुका है। शहरी इलाकों में बचे हुए लोगों को भी लगातार समझा-बुझाकर सुरक्षित ठिकानों पर भेजने की कार्रवाई जारी है। इस मामले पर प्रतापगढ़ के डीएम अभिषेक पांडे ने कहा कि हादसे के बाद जिले में 451 जर्जर मकानों को चिन्हित कर 7 दिनों का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अब तक 304 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कराया जा चुका है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटना को टाला जा सके।
