यूपी में पीएम मत्स्य संपदा योजना में मनमानी-लापरवाही पर एक्शन, मत्स्य विभाग के निदेशक समेत 5 अधिकारी सस्पेंड
August 13, 2026
यूपी में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना में लापरवाही और मनमानी के आरोप में 5 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। सस्पेंड होने वाले अधिकारियों में मत्स्य विभाग के निदेशक एन एस रहमानी भी शामिल हैं। एन एस रहमानी पर आरोप है कि सोनभद्र के रिहंद जलाशय में मछली पकड़ने का ठेका मत्स्य महानिदेशक की अनुमति के बिना दे दिया और लखनऊ में मत्स्य विभाग की जमीन का ठीक ढंग से संरक्षण नहीं किया।
साथ ही, विभाग के उपनिदेशक रहते हुए पीएम मत्स्य संपदा योजना में 2020 से लेकर 2023 तक की योजनाओं में कथित रूप से लापरवाही बरती। आरोप है कि रहमानी ने और भी ठेके देने में मनमानी की है। एन एस रहमानी के साथ मतस्य अधिकारी श्वेता सिंह, आकाशदीप, राजेंद्र और खुर्शीद आलम को भी सस्पेंड किया गया है।
रहमानी पर ये भी आरोप है कि उन्होंने जनवरी, 2025 के बाद मछली पकड़ने के लिए 2 अन्य ठेकों प्रयागराज के गुलरिहा जलाशय, श्रेणी 3 और बहराइच केगण्डौर जलाशय, श्रेणी -04 की मंजूरी महानिदेशक मत्स्य के अनुमोदन के बिना जारी कर दी। ये कार्य शासन के आदेशों, नीतियों और नियमों की अवहेलना है, जो कि विभागीय और शासकीय हितों के विपरीत है।
आदेश में लिखा गया कि रहमानी की तरफ से चकमल्लौरी विकास खंड चिनहट लखनऊ के अंतर्गत मत्स्य विभाग के कब्जे में स्थित भूमि गाटा संख्याः 16 क्षेत्रफल 0.733 हेक्टेयर के अमल दरामद/खारिज दाखिल एवं सीमांकन कार्य करवा लिया जाना चाहिए था, जिससे विभाग के नाम भूमि दर्ज हो जाती और उस पर अतिक्रमण की स्थिति उत्पन्न नहीं होती। लेकिन उच्च अधिकारियों के स्तर से मिले निर्देशों के बावजूद भी निदेशक मत्स्य ने भूमि का अमल दरामद/दरामद/खारिज दाखिल एवं सीमांकन कार्य नहीं कराया गया।
ऑर्डर में यह भी लिखा है कि एन एस रहमानी की तरफ से उप निदेशक, मत्स्य, वाराणसी मंडल, वाराणसी में पदस्थता अवधि के दौरान प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत साल 2020-21, 2021-22 और 2022-23 की अनुदानित परियोजनाओं को स्थापित व संचालित करने में बरती गई। इसको लेकर दिए स्पष्टीकरण को देखकर लगता है कि वक्त पर लाभार्थियों को पेमेंट भी नहीं मिला। इससे पहले जून में खबर आई थी अब वाराणसी से मीट, मांस और मछली की दुकानें बाहर शिफ्ट की जाएंगी। पार्षद गुलशन अली ने इसकी मांग की थी।
