बलिया। खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए बेरोजगार युवक-युवतियों को तकनीकी प्रशिक्षण देने की पहल की गई है। मुख्यमंत्री खाद्य प्रसंस्करण ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में दो दिवसीय खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण, एक माह का कुकरी (पाक कला)ध्बेकरी प्रशिक्षण तथा 100 दिवसीय उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े विभिन्न उद्यम स्थापित करने और प्रसंस्करण इकाई संचालित करने के लिए जरूरी तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।
राजकीय फल संरक्षण केंद्र, बलिया के प्रभारी त्रिभुवन राम ने बताया कि मंडल खाद्य प्रसंस्करण के अंतर्गत राजकीय फल संरक्षण केंद्र आजमगढ़, मऊ और बलिया में इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना है। प्रशिक्षण में बेरोजगार युवक-युवतियों को विषय विशेषज्ञों और अनुभवी प्रशिक्षकों के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित तकनीकों, उत्पाद निर्माण, प्रसंस्करण इकाई की स्थापना तथा उद्यम संचालन की जानकारी दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को केवल तकनीकी रूप से दक्ष बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें स्वरोजगार के लिए तैयार करना भी है, ताकि प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद वे अपनी प्रसंस्करण इकाई स्थापित कर आय का स्थायी साधन विकसित कर सकें।
आजमगढ़ जनपद में प्रशिक्षण लेने के इच्छुक अभ्यर्थी राजकीय सामुदायिक फल संरक्षण केंद्र, रैदोपुर में संपर्क कर सकते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए पर्यवेक्षक श्री हवलदार के मोबाइल नंबर 9506146766 पर संपर्क किया जा सकता है।
मऊ एवं बलिया जनपद के इच्छुक प्रशिक्षणार्थी राजकीय फल संरक्षण केंद्र, बलिया के पर्यवेक्षक त्रिभुवन राम से मोबाइल नंबर 7068795267 पर संपर्क कर प्रशिक्षण कार्यक्रम, पात्रता एवं अन्य आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। विभाग ने बेरोजगार युवक-युवतियों से इस अवसर का लाभ उठाने और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की है।
