बिजनौर। अमरोहा से हरिद्वार (वाया बिजनौर) तक प्रस्तावित श्री गंगा एक्सप्रेस-वे के संरेखण को लेकर क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। बुधवार को बड़ी संख्या में किसानों एवं क्षेत्रवासियों ने जिलाधिकारी जसजीत कौर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम ज्ञापन सौंपकर एक्सप्रेस-वे के प्रस्तावित मार्ग में बदलाव की मांग की।
ज्ञापन में किसानों ने कहा कि विश्वसनीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि श्री गंगा एक्सप्रेस-वे का प्रस्तावित संरेखण बिजनौर शहर के निकट स्थित ग्राम सालामाबाद, भरेरा, भोगी, नसीरी, पेदा, कच्छपुरा, नया गांव, नंगरोला अचपल, गजरौला शिव तथा बगीची सहित कई गांवों की प्रथम श्रेणी की अति उपजाऊ कृषि भूमि से होकर निकाला जा रहा है। इससे हजारों किसान प्रभावित होंगे तथा उनकी आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
किसानों ने मांग करते हुए कहा कि एक्सप्रेस-वे का निर्माण बिजनौर की पौराणिक एवं उपेक्षित धरोहरों जैसे महात्मा विदुर जी की कुटी, महर्षि कण्व आश्रम एवं प्रसिद्ध कलखा देवी मंदिर को जोड़ते हुए किया जाए। उनका कहना है कि यदि एक्सप्रेस-वे इन ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों से होकर गुजरेगा तो क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति प्राप्त होगी।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि प्रस्तावित वैकल्पिक संरेखण में अधिकतर भूमि सरकारी है तथा जहां भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता होगी, वहां तृतीय श्रेणी की कम कीमत वाली भूमि प्रभावित होगी। इससे किसानों की उपजाऊ भूमि सुरक्षित रहेगी और सरकार को भी भूमि अधिग्रहण में कम कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
किसानों ने मुख्यमंत्री से जनहित में इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि यदि संरेखण में बदलाव किया जाता है तो क्षेत्र के हजारों किसान एवं ग्रामीण लाभान्वित होंगे। साथ ही पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर विकसित होने से पूरे क्षेत्र का कायाकल्प होगा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में किसानों की उपजाऊ भूमि बचाने तथा क्षेत्र के धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व वाले स्थलों को एक्सप्रेस-वे से जोड़ने की मांग दोहराई। इस मौके पर राजेंद्र सिंह, ब्रजपाल सिंह, बीनू सिंह, मुन्नू सिंह, नरेंद्र शर्मा, भोले, ऋषिपाल सिंह सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
