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प्रतापगढः भव्यता के साथ मनाया गया बाल कवयित्री सानवी त्रिपाठी का जन्मोत्सव! बेजुबानों की सेवा एवं सेविकाओं को सम्मानित कर जन्म दिवस को बनाया प्रेरणादायी- डॉ.रत्न


प्रतापगढ़। नगर से सटे पूरे ईश्वरनाथ में अधिवक्ता एवं साहित्यकार प्रेम कुमार त्रिपाठी की पोती, बाल कवयित्री सानवी त्रिपाठी का चतुर्थ जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम और अनूठे अंदाज में मनाया गया। इस पावन अवसर पर सुबह से शाम तक बेजुबान जानवरों को फल, बिस्किट, टोस्ट और रोटियां खिलाकर पानी पिलाया गया। दिनभर उनके आवास पर गायों, बछड़ों और श्वानों का जमावड़ा लगा रहा, जो आकर्षण का केंद्र बना रहा।संध्याकाल में एक भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता जनपद के विद्वान साहित्यकार डॉ. दयाराम मौर्य श्रत्नश् ने स्वागत संयोजिका माया त्रिपाठी द्वारा किया गया। समारोह में पधारे अतिथियों एवं आगंतुकों का शाल ओढ़ाकर सारस्वत सम्मान  किया गया। इसके बाद डॉ. श्याम जी द्वारा प्रस्तुत मां शारदे की वंदना के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।विशिष्ट अतिथि राज किशोर त्रिपाठी श्रागीश् ने बाल कवयित्री सानवी त्रिपाठी को यशस्वी एवं दीर्घायु होने का आशीर्वाद देते हुए बेटियों पर रचना पढ़कर जोश भरा। अति विशिष्ट अतिथि  प्रबंधक अनिल प्रताप त्रिपाठी ने कहा कि सानवी अत्यंत अल्पायु में ही बड़े मंचों पर काव्य पाठ करके जनपद का गौरव बढ़ा रही है और अपने कुल का नाम रोशन कर रही है। मुख्य अतिथि व वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. श्याम शंकर शुक्ल श्श्यामश् ने जब अपनी लोकभाषा का प्रसिद्ध गीत ष्जेठ की दुपहरी औ निमिया की छांव होष्पढ़ा, तो पूरा सदन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

जन्मोत्सव के केंद्र में रहीं बाल कवयित्री सानवी ने जब अपनी दादी पर लिखी भावपूर्ण रचना-ष्राधा राधा राधा जपती, राम राम कॉपी में लिखतीष् सुनाई, तो उपस्थित श्रोता झूम उठे। इस पुनीत अवसर पर दादा प्रेम कुमार त्रिपाठी भी अपनी भावनाओं को रोक नहीं सके। वे सानवी पर आधारित कविता व कहानी का पाठ करते-करते भावुक हो उठे और अपनी पंक्तियाँ पढ़ीं-ष्पाकर हुआ निहाल सानवी, चरण तुम्हारे भाल सानवी।ष्

अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ. रत्न ने कहा कि इस मांगलिक अवसर पर बेजुबानों की सेवा एवं सेविकाओं को सम्मानित करके जन्मदिन को वास्तव में प्रेरणादायक और अनुकरणीय बनाया गया है। सानवी के सुख-समृद्धि की कामना करते हुए उन्होंने पढ़ाकृ श्रत्नश् हृदय की है अभिलाषा, सुख वैभव हो रिद्धि सिद्धि।श्इस अवसर पर सामाजिक सरोकारों को निभाते हुए समाज की दो कर्मठ सेविकाओं, सुनीता और काजल को उपहार, अंगवस्त्रम एवं  धनराशि भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में तमाम लोगों ने शिरकत किया।

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