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ट्रंप ने निभाई दोस्ती! होर्मुज स्ट्रेट पर कड़े पहरे को पार कर धड़धड़ाते हुए निकला पाकिस्तान का तेल टैंकर?


मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और समुद्री नाकेबंदी के बीच एक अनोखी घटना सामने आई. पाकिस्तान का एक ऑयल टैंकर कुवैत से तेल लेकर सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट से बाहर निकलता दिखाई दिया. सवाल उठ रहे हैं कि आखिर तनावपूर्ण माहौल और कड़े पहरे के बावजूद पाकिस्तानी जहाज कुवैती तेल लेकर कैसे रवाना हो गया.

ब्लूमबर्ग के डेटा के मुताबक, पाकिस्तान के 'खैरपुर' टैंकर ने गुरुवार सुबह सफर शुरू किया. इससे पहले पिछले कुछ दिनों में इस टैंकर ने कई बार निकलने की कोशिश की थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से इसे बार-बार पीछे हटना पड़ा था. इस बार जहाज ने ईरान के मंजूर किए गए 'उत्तरी मार्ग' का इस्तेमाल किया, जो क्युशम (Qeshm) और लारक द्वीपों के पास से गुजरता है. जहाज अब दक्षिण की ओर बढ़ रहा है और अब यह कराची पहुंचेगा. उम्मीद जताई जा रही है कि यह 4 मई तक पाकिस्तान पहुंच जाएगा.

यह टैंकर 12 अप्रैल को फारस की खाड़ी में पहुंचा था. ठीक उसी समय इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता फेल हो गई थी, जिससे इलाके में तनाव काफी बढ़ गया था. इसके बावजूद, जहाज ने कुवैत के मीना अल अहमदी पोर्ट से लगभग 5,11,000 बैरल डीजल लोड किया और अब वापसी की राह पर है.

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे बिजी और संवेदनशील समुद्री रास्तों में से एक है. नाकेबंदी के बीच किसी कमर्शियल टैंकर का यहां से सुरक्षित निकलना एक बड़ी खबर है, क्योंकि इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही फिलहाल बेहद जोखिम भरी बनी हुई है. मौजूदा हालातों में इस रास्ते से ट्रैफिक बहुत कम हो गया है. फिलहाल यहां से केवल वही कुछ गिने-चुने जहाज गुजर रहे हैं जिनका संबंध ईरान से है.

वहीं, यूएई और मिस्र में भारत के पूर्व राजदूत नवदीप सिंह सूरी ने गुरुवार (30 अप्रैल) को कहा कि ईरान और अमेरिका का होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट डालना गैर-कानूनी है. यह कानून के राज और नियम-आधारित व्यवस्था का उल्लंघन है. IANS के साथ खास बातचीत के दौरान पूर्व राजदूत सूरी ने कहा कि पश्चिम एशिया में हाल के हालात का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ा है. उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को 28 फरवरी से पहले वाली स्थिति में वापस लाने की मांग की.

उनके मुताबिक, 'हम इन डेवलपमेंट्स को लेकर बहुत परेशान हैं. हम देख रहे हैं कि इनका सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है. ईरान का होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग ट्रांजिट पर रोक और अमेरिका का नाकाबंदी करना गैर-कानूनी है. पड़ोस के एक बड़े देश के तौर पर, इस तरह की अराजकता या जिस पर दबदबा हो, उसकी नीति को लेकर बहुत परेशान होना चाहिए, जिसे इस इलाके के अलग-अलग देश अपना रहे हैं.'

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