प्रतापगढ़/बाबागंज। सरकारी रिकॉर्ड में भले ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त दिखाई जा रही हो, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। गृह ब्लाक की ग्राम सभाओं में तैनात सफाईकर्मियों की लापरवाही और स्थानीय स्तर पर कथित मिलीभगत के चलते गांव गंदगी की चपेट में है। हालत यह है कि नालियां बजबजा रही हैं, सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगे हैं और मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है।
बाबागंज ब्लाक के पूरे किशुनी ग्राम का मामला इन दिनों चर्चा में है। यहां ग्राम सभा की ही एक महिला को सफाईकर्मी के रूप में नियुक्त किया गया है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से तैनाती के बावजूद उसने कभी नियमित रूप से गांव की सफाई नहीं की। नालियों में गंदा पानी भरा है, जिससे दुर्गंध और संक्रमण का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस पूरे खेल में ग्राम प्रधान की भूमिका संदिग्ध है। बताया जाता है कि बिना काम कराए ही मस्टर रोल जारी कर दिया जाता है। आरोप तो यहां तक हैं कि इसमें लेन-देन का भी खेल चलता है, जिसके चलते सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो चुकी है।
स्थानीय लोगों हरकेश, सुमित्रा देवी, शीला देवी, निमरु सहित कई ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से शिकायत करते हुए सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारियों की शिथिलता के कारण ही यह स्थिति पैदा हुई है, जिससे सफाईकर्मी बेखौफ होकर मनमानी कर रही है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन इस गंभीर लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार के मामले में क्या कदम उठाता है, या फिर गांव की नालियां यूं ही बजबजाती रहेंगी ?
