बाराबंकी! बार एसोसिएशन में कार्यवाहक अध्यक्ष रितेश कुमार मिश्र के नेतृत्व में पूर्व निर्धारित आम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें संगठन के आय-व्यय और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए। सभा के दौरान निष्कासित अध्यक्ष और निलंबित महामंत्री द्वारा प्रस्तुत आय-व्यय विवरण में कई अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर अधिवक्ताओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।सभा में पिछले हाउस की कार्यवाहियों की पुष्टि करते हुए आगामी सत्र के चुनाव की तिथियां घोषित की गईं। तय कार्यक्रम के अनुसार मतदान 26 मई और मतगणना 27 मई 2026 को होगी। हालांकि चुनाव प्रक्रिया की अन्य तिथियों को एल्डर्स कमेटी से वार्ता के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा। वक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि एल्डर्स कमेटी आम सभा के निर्णयों का सम्मान नहीं करती है तो आय-व्यय की अनियमितताओं की जांच के लिए हाई कोर्ट का रुख किया जाएगा।बताते चले कि
पिछली सामान्य सभा में तत्कालीन अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा को लंबे समय से चले आ रहे विवादित और विधि-विरुद्ध कार्यों के चलते निष्कासित कर दिया गया था, जबकि महामंत्री को आय-व्यय का पूरा ब्यौरा ऑडिट के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद प्रस्तुत किए गए विवरण में मात्र 10 महीनों में 6 लाख रुपये से अधिक की राशि “अन्य खर्च” के रूप में दर्शाई गई, जिस पर अधिवक्ताओं ने सवाल उठाते हुए पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया।
सभा में यह भी मुद्दा उठा कि चुनाव में महिला आरक्षण लागू करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय पर आम अधिवक्ताओं से कोई चर्चा नहीं की गई, जिसे लोकतांत्रिक परंपराओं की अनदेखी बताया गया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे अहम विषयों पर आम सभा के माध्यम से सभी को विश्वास में लेना आवश्यक होता है।
कार्यक्रम में कार्यवाहक महामंत्री देवराम यादव, उपाध्यक्ष पवन कुमार मिश्र, मनोज सिंह, कोषाध्यक्ष अनुराग शुक्ला, संयुक्त मंत्री नवीन रस्तोगी सहित कई पदाधिकारी और पूर्व पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष कौशल किशोर त्रिपाठी समेत सैकड़ों अधिवक्ताओं ने भाग लेकर सभा को संबोधित किया और संगठन में पारदर्शिता व जवाबदेही की मांग उठाई।
