लखनऊ । विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर उत्कर्ष ग्लोबल फाउंडेशन द्वारा समाज को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने हेतु एक विशेष नशा मुक्ति जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं, महिलाओं, पुरुषों तथा बच्चों को तंबाकू, शराब एवं अन्य मादक पदार्थों के सेवन से होने वाली शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक हानियों के प्रति जागरूक करना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।कार्यक्रम में संस्था की ओर से पूनम झा, शिखा सिंह, देव मिश्रा एवं शिवम दिवाकर ने सक्रिय सहभागिता निभाई तथा उपस्थित लोगों को नशा मुक्त जीवन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम का शुभारंभ महान विभूतियों एवं समाज सुधारकों के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात उपस्थित सभी लोगों ने समाज कल्याण एवं जनजागरूकता के उद्देश्य को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के प्रारंभिक सत्र में वक्ताओं ने विश्व तंबाकू निषेध दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रत्येक वर्ष 31 मई को पूरे विश्व में तंबाकू सेवन के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है।कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों एवं संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि तंबाकू, गुटखा, बीड़ी, सिगरेट, शराब तथा अन्य मादक पदार्थों का सेवन न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है। नशे के कारण कैंसर, हृदय रोग, फेफड़ों की बीमारियां, मानसिक तनाव तथा अनेक गंभीर रोग उत्पन्न होते हैं।वक्ताओं ने कहा कि नशे की लत व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को कमजोर करती है, पारिवारिक संबंधों में तनाव उत्पन्न करती है तथा युवाओं के भविष्य को अंधकारमय बना देती है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह स्वयं नशे से दूर रहे तथा दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करे स जागरूकता कार्यक्रम को प्रभावी एवं सहभागितापूर्ण बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के शैक्षणिक एवं मनोरंजक खेलों का आयोजन किया गया। इन खेलों के माध्यम से प्रतिभागियों को नशे के दुष्प्रभावों तथा स्वस्थ जीवनशैली के लाभों के बारे में सरल और रोचक तरीके से जानकारी दी गई।कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण भाग सामूहिक नशा मुक्ति शपथ ग्रहण समारोह रहा। सभी महिलाओं, पुरुषों, युवाओं एवं बच्चों ने एक साथ खड़े होकर नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।उत्कर्ष ग्लोबल फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम लोगों को यह संदेश देने में सफल रहा कि नशे से मुक्ति केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। जब पूरा समाज मिलकर इस समस्या के विरुद्ध खड़ा होगा तभी स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव होगा।विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर आयोजित यह नशा मुक्ति जागरूकता अभियान जनभागीदारी, रचनात्मक गतिविधियों और सकारात्मक संदेशों के माध्यम से अत्यंत सफल रहा। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में नशे के खिलाफ संघर्ष करने तथा स्वस्थ समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।
उत्कर्ष ग्लोबल फाउंडेशन का यह प्रयास न केवल जागरूकता बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुआ बल्कि समाज में नशामुक्त भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ। संस्था द्वारा चलाए जा रहे ऐसे अभियान निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
