लखनऊः बड़ी कार्रवाई! लखनऊ में अंतरजनपदीय गांजा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, भाजपा जिला पंचायत सदस्य समेत 4 गिरफ्तार
May 10, 2026
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को शनिवार को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। राजधानी के बीबीडी थाना क्षेत्र में एक सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए टास्क फोर्स ने न केवल अंतरजनपदीय गांजा तस्करी के नेटवर्क को उजागर किया, बल्कि चार शातिर तस्करों को भी दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों में मोहनलालगंज से भाजपा समर्थित जिला पंचायत सदस्य भी शामिल है। वहीं कानपुर और बाराबंकी ।छज्थ् की संयुक्त टीम द्वारा की गई इस छापेमारी में तस्करों के पास से भारी मात्रा में अवैध सामान बरामद हुआ है। वहीं गांजा 103 किलोग्राम अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 51.50 लाख रुपए है। पुलिस ने वाहन तस्करी में इस्तेमाल होने वाली 2 कारें अन्य 7 मोबाइल फोन घेराबंदी कर दबोचे गए। वहीं ।छज्थ् कानपुर यूनिट के प्रभारी निरीक्षक अयनुद्दीन के अनुसार, यह ऑपरेशन बाराबंकी यूनिट के साथ मिलकर चलाया गया। पुलिस ने बीबीडी क्षेत्र स्थित बबुरिहा पावर हाउस के सामने नहर पुलिया तिराहे पर जाल बिछाया। जैसे ही दो संदिग्ध कारें वहाँ पहुँचीं, टीम ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। वाहनों की गहन तलाशी लेने पर उनमें छिपाकर रखा गया 103 किलो गांजा बरामद हुआ। कौन हैं गिरफ्तार आरोपी, पुलिस ने मौके से निम्नलिखित चार लोगों को गिरफ्तार किया हैरू जितेंद्र कुमार जायसवाल (मुख्य आरोपी) निवासी शाह मोहम्मदपुर अपैया, थाना नगराम मोहनलालगंज क्षेत्र से निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य, विशाल पांडेय निवासी कंचनपुर मटियारी लखनऊ,सौरभ जायसवाल निवासी दशहराबाग बाराबंकी,अखिलेश कुमार निवासी बेहटा मुजावर उन्नाव, को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अनुसार बिहार से जुड़ा है नेटवर्क, पुलिस की पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी जितेंद्र कुमार जायसवाल ने चैंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने स्वीकार किया कि वह काफी समय से बिहार से भारी मात्रा में गांजा मंगवाता था और उसे लखनऊ सहित आसपास के जिलों में ऊंचे दामों पर सप्लाई करता था। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते वह लंबे समय से पुलिस की नजरों से बचकर इस अवैध धंधे को चला रहा था। ।छज्थ् की टीम ने आरोपियों और बरामद माल को बीबीडी पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस ने सभी के खिलाफ एनडीपीएस (छक्च्ै) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सफेदपोशों और छोटे तस्करों की तलाश में जुटी है।
