सुंयक्त टीम द्वारा स्थलीय निरीक्षण में पाया कि लाभार्थियों के चयन से लेकर योजना निष्पादन/अनुश्रवण तक प्रत्येक स्तर पर गम्भीर लापरवाही बरती गयी है।
लखनऊ/सोनभद्र। मत्स्य मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने सोनभद्र में रिहंद एवं ओबरा जलाशयों में संचालित केज मत्स्य पालन योजनाओं में प्राप्त शिकायतों एवं अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए छह अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निदेशालय से संबद्ध कर दिया है। साथ ही पूरे मामले में उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए थे। लापरवाही के आरोप में संबद्ध होने वालों में उप निदेशक धर्मेंद्र सिंह बघेल, सहायक निदेशक राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव, निरीक्षक राकेश कुमार ओझा, वरिष्ठ सहायक राजकुमार, मछुआ पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश, पत्रावली लंबित होने पर कार्रवाई
उर्दू अनुवादक औरंगजेब खान, कनिष्ठ सहायक गोविंद कुमार गुप्ता शामिल हैं। विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष बैठक में डॉ. निषाद ने प्रदेश में लंबे समय से खाली चल रहे मछुआ (चतुर्थ श्रेणी तकनीकी) के पदों को जल्द भरने का निर्देश भी दिया। उन्होंने कहा कि शासन या निदेशालय स्तर पर किसी भी पटल पर कोई भी पत्रावली लंबित न रहे। पत्रावलियां निर्धारित अवधि में निस्तारित की जाएं और इसकी नियमित मॉनिटरिंग सभी योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक पहुंचाने का हर संभव प्रयास करें। मछुआ भर्ती, चालक भर्ती, मत्स्य विकास निधि, नदियों में रिवर रैचिंग, ग्राम समाज का पट्टा, अमृत सरोवर, मत्स्य पालक कल्याण कोष, मत्स्य जीवी सहकारी संघ एवं मत्स्य विकास निगम के जलाशयों/प्रक्षेत्रों के निस्तारण तथा जमा राजस्व की स्थिति एवं जलाशयों में बीज संचय की स्थिति आदि अन्य बिंदुओं की भी गहन समीक्षा की। दिनांक 16.04.2026 द्वारा अवगत कराया गया है कि जनपद सोनभद्र में रिहन्द तथा ओबरा जलाशयों में स्थापित किये गये केजों / मत्स्य पालन में की गयी गम्भीर शिकायतों / अनियमितताओं के संबंध में दिनांक 10.04.2026 को गठित समिति जिसमें निदेशक मत्स्य, संयुक्त निदेशक मत्स्य, उप निदेशक मत्स्य (नियोजन), मत्स्य प्रक्षेत्र विशेषज्ञ, मत्स्य निदेशालय लखनऊ, उप निदेशक मत्स्य वाराणसी मण्डल उप निदेशक मत्स्य विन्ध्याचल मण्डल मिर्जापुर, सहायक निदेशक मत्स्य सोनभद्र, मत्स्य निरीक्षक सोनभद्र, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) सोनभद्र, उप जिलाधिकारी तहसील ओबरा सोनभद्र, क्षेत्राधिकारी पुलिस, जिला सूचना अधिकारी सोनभद्र की सुंयक्त टीम द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया. जिसकी आख्या निदेशक मत्स्य उ०प्र० लखनऊ के पत्रांक-21/निरीक्षण / मिर्जापुर /2026-27 दिनांक 11.04.2026 को संलग्न कर आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित की गयी है। उक्त पत्र में उल्लेख है कि लाभार्थियों के चयन से लेकर योजना निष्पादन/अनुश्रवण तक प्रत्येक स्तर पर गम्भीर लापरवाही बरती गयी है। निरीक्षण आख्या में उल्लिखित गम्भीर अनियमितताओं / लापरवाही की पुष्टि की गयी है। गम्भीर अनियमितताओं / लापरवाही / संदिग्ध कार्य प्रणाली हेतु दोषी / उत्तरदायी पाये गये अधिकारियों/कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से मत्स्य निदेशालय में सम्बद्ध करने तथा तदनुसार कार्यवाही कराकर अवगत कराने हेतु मंत्री द्वारा निदेर्शित किया गया है। मंत्री द्वारा दिये गये निर्देशानुसार निम्न विवरण के अनुसार अधिकारियों/कर्मचारियों को मत्स्य निदेशालय, उ०प्र० लखनऊ में तत्काल प्रभाव से सम्बद्ध किया जाता है।
