सोनभद्र। देश के प्रधानमंत्री एनआरएलएम के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को लखपति दीदी बनाने के प्रयास में जुटे हुए हैं वहीं दूसरी तरफ सोनभद्र में एनआरएलएम के तहत रु0 70 लाख रुपए से अधिक की धनराशि समूह की महिलाओं के खाते में बिना उनके जानकारी दिए ही उनके खातों में लोन के रूप में भेज कर उनके नाम से लोन आवंटित कर दिया गया और बैंक सखी बैंक मैनेजर और कैशियर के मिली भगत से इन पैसों को इन खातों से विड्रोल भी कर लिया गया जब लोन के रिकवरी के लिए समूह की महिलाओं के पास फोन पहुंचा तो उन्होंने बैंक से अपना स्टेटमेंट निकाल स्टेटमेंट निकालने के बाद इस पूरे मामले का खुलासा हुआ वही शिकायतकर्ता आशा देवी ने बताया कि वह बैंक गई बैंक सखी के द्वारा उनका पासबुक और सादे विड्रोल वाउचर पर सिग्नेचर कर लिया गया कुछ दिनों बाद जब लोन का पैसा देने के लिए फोन आया तब उन्होंने अपने खाते का स्टेटमेंट निकाल और उन्हें इस बात की जानकारी हुई की बैंक के द्वारा समूह के खाते से उनके खाते में 90000 रुपए भेज दिया गया और उसी दिन उसे पैसे को विड्रॉल भी कर लिया गया हालांकि अभी शिकायत के बाद बैंक सखी के द्वारा इस पूरे मामले का खुलासा किया गया बैंक सखी किरण का कहना है कि बैंक मैनेजर कैशियर के द्वारा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के खाते में पैसे भेज कर और उनसे विड्रोल पर सिग्नेचर कराकर उनका पैसा निकाल लिया जाता है और ऐसे लगभग 70 लख रुपए से अधिक की धनराशि अब तक निकल जा चुकी है वहीं बैंक सखी ने बताया कि उसके द्वारा इस मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक सहित अन्य जगहों पर की गई है लेकिन बड़ा सवाल यह खड़ा होता है कि जब बैंक सखी को यह पूरा मामला पहले मालूम था तो उसने पहले ही इस पूरे मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से क्यों नहीं की।स्वयं सहायता समूह की सदस्य व शिकायतकर्ता आशा देवी ने बताया कि बैंक सखी के द्वारा उसका पासबुक ले लिया गया और साडे विड्रोल पर सिग्नेचर कर लिया गया उसे बाद में इस बात की जानकारी हुई कि उसे विड्रोल के माध्यम से समूह के खाते का पैसा उसके खाते में 90000 रुपए भेजा गया और उसी दिन इस पेज को विड्रोल कर लिया गया यह पैसा उसके खाते में लोन के रूप में भेजा गया और जब लोन चुकाने के लिए उसके पास फोन आया तो उसने बैंक स्टेटमेंट निकाल तब जाकर मामले का खुलासा हुआ कि बैंक सखी बैंक मैनेजर और कैशियर के मिली भगत से यह उसके खाते से पैसा निकाल लिया गया है और उसे इस बात की जानकारी भी नहीं हो सकी शिकायतकर्ता का कहना है कि उसके खाते से निकल गए पैसे को वापस किया जाए और इस तरह की हरकत करने वाले लोगों पर कार्रवाई की जाए। शिकायतकर्ता के द्वारा शिकायत किए जाने के बाद जब बैंक सखी रावटसगंज कोतवाली पहुंची तो उसने इस बात का खुलासा किया कि यह केवल समूह की एक सदस्य के साथ नहीं बल्कि एक दर्जन से अधिक सदस्यों के साथ इस तरह की कार्यवाही करते हुए समूह के उनको वगैर जानकारी दिए उनके खातों से पैसे निकाले गए है । और इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी किया गया है और मामला कोर्ट में भी पहुंच गया है।
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