Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS

लखनऊ: औषधि नियम संशोधन के विरोध में फार्मासिस्टों का प्रदर्शन, सांसद को भेजा ज्ञापन


लखीमपुर खीरी। अखिल भारतीय फार्मासिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले जिले के फार्मासिस्टों ने औषधि नियम, 1945 में प्रस्तावित संशोधनों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के प्रदेश सचिव प्रांजल तिवारी एवं जिला अध्यक्ष अभिषेक कुमार कश्यप के नेतृत्व में कार्यकारिणी ने खीरी सपा सांसद उत्कर्ष वर्मा को पत्र भेजकर नियम 64 में प्रस्तावित बदलावों का कड़ा विरोध दर्ज कराया।

फार्मासिस्टों ने अपने ज्ञापन में कहा कि बीएससी स्नातकों को मात्र 6 माह के प्रशिक्षण के आधार पर दवाओं के प्रबंधन की अनुमति देना जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है। उनका तर्क है कि बीएससी पाठ्यक्रम में फार्माकोलॉजी और क्लिनिकल फार्मेसी जैसे आवश्यक विषय शामिल नहीं होते, जो एक पंजीकृत फार्मासिस्ट के लिए अनिवार्य हैं।संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि प्रस्तावित संशोधन फार्मेसी अधिनियम, 1948 का उल्लंघन है और इससे देशभर के लाखों योग्य फार्मासिस्टों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना पेशेवर ज्ञान के दवाओं का वितरण मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

।ठच्। ने सरकार और ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड से मांग की है कि इस जनविरोधी संशोधन को तत्काल वापस लिया जाए और “सक्षम व्यक्ति” का पद केवल पंजीकृत फार्मासिस्टों के लिए ही सुरक्षित रखा जाए।फार्मासिस्टों ने स्पष्ट कहा, “दवाएं जहर भी हो सकती हैं और जीवन रक्षक भीय ऐसे में उनका प्रबंधन केवल विशेषज्ञों के हाथ में ही सुरक्षित है।”

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |