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मां काली के वेश में नाचते-नाचते बुझ गई जिंदगी, अचानक लड़खड़ाकर गिरा और थम गई सांसें


वो कहते हैं ना जिंदगी और मौत पर किसी का बस नहीं चलता और इसके बीच की दूरी बस एक पल की होती है। यह कहावत उस वक्त सच साबित हो गई, जब मध्य प्रदेश के उमरिया में भक्ति और उत्साह से भरा माहौल अचानक चीख-पुकार और सन्नाटे में बदल गया। 29 मार्च को जिले के ग्राम पठारी में जवारे विसर्जन का कार्यक्रम हो रहा था तभी मां काली बने एक युवक की अचानक मौत हो गई। वीडियो में वह नाचते-नाचते गिरता दिख रहा है।

दरअसल, गांव में कलश विसर्जन कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक काली नृत्य का आयोजन किया गया था। गांव के ही निवासी रामगरीब कोल उम्र 40 वर्ष हर साल की तरह इस बार भी मां काली का रूप धारण कर प्रस्तुति दे रहे थे। चेहरे पर काली का रौद्र रूप… जैसे ही बैंड-बाजे की गूंज तेज हुई, उनका नृत्य भी पूरे शबाब पर था। सामने खड़े ग्रामीण उनकी प्रस्तुति को देखकर भाव-विभोर हो रहे थे। माहौल पूरी तरह भक्तिमय था लेकिन किसी को क्या पता था कि यह प्रस्तुति उनकी जिंदगी की आखिरी प्रस्तुति साबित होगी।

नृत्य के दौरान अचानक रामगरीब लड़खड़ाए और गिर पड़े। शुरुआत में लोगों ने इसे अभिनय का हिस्सा समझा, लेकिन जब कुछ देर तक वह नहीं उठे तो वहां मौजूद लोगों के बीच हड़कंप मच गया। तुरंत कुछ लोग मंच पर पहुंचे और उन्हें उठाने की कोशिश की, लेकिन उनकी हालत गंभीर लग रही थी। ग्रामीणों ने बिना देर किए उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी की, लेकिन प्राथमिक जांच में ही उनकी मौत की पुष्टि हो गई। डॉक्टरों ने शुरुआती जांच में हार्ट अटैक को मौत का संभावित कारण बताया है।

इस घटना के बाद पूरे कार्यक्रम का माहौल पल भर में बदल गया। जहां कुछ मिनट पहले तक जयकारों और संगीत की आवाज गूंज रही थी, वहीं अब हर तरफ सन्नाटा और गम का माहौल था। महिलाएं रोने लगीं, बच्चे सहम गए और पुरुष स्तब्ध खड़े रह गए।

गांव वालों के मुताबिक, रामगरीब कोल धार्मिक आयोजनों में हमेशा बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे और खासकर काली नृत्य के लिए जाने जाते थे। उनका यह रूप और ऊर्जा लोगों को हर साल आकर्षित करती थी। इस बार भी लोगों को उनकी प्रस्तुति का बेसब्री से इंतजार था लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह इंतजार ऐसी दर्दनाक याद में बदल जाएगा। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे देखने वाले लोग जहां एक तरफ हैरान हैं, वहीं दूसरी ओर गहरा दुख भी जता रहे हैं।

ग्राम पठारी में अब सिर्फ एक ही चर्चा है कि जो व्यक्ति कुछ ही मिनट पहले देवी का रूप लेकर लोगों को भावुक कर रहा था, वह अचानक यूं सबको छोड़कर चला जाएगा यह किसी ने सोचा भी नहीं था। यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि जिंदगी कितनी अनिश्चित है। कब क्या हो जाए, कोई नहीं जानता।

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