शुकुलबाजार: बैंक कर्मियों पर अभद्रता व अनियमितता का आरोप! ग्राहकों में बढ़ता असंतोष, शाखा प्रबंधक ने आरोपों को बताया निराधार
April 28, 2026
शुकुलबाजार/अमेठी। क्षेत्र में बैंकिंग सेवाओं को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय खाताधारकों में नाराजगी बढ़ा दी है। यहां के निवासी एवं पेट्रोल पंप संचालक शनि सिंह पुत्र शेर बहादुर सिंह, ग्राम सिंघनामऊ ने बैंक ऑफ बड़ौदा की शुकुल बाजार शाखा में कार्यरत कर्मचारी भरत मिश्रा व प्रदीप कुमार पर अभद्र व्यवहार और कार्य में अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि वह अपने खाते से आवश्यक कार्य के लिए धनराशि निकालने बैंक पहुंचे थे, लेकिन संबंधित कर्मचारियों द्वारा सहयोग करने के बजाय उन्हें गुमराह किया गया और अभद्र व्यवहार किया गया। आरोप है कि एक लाख रुपये की चेक पूरे दिन बैंक में लंबित रखी गई और शाम के समय यह कहकर लौटा दी गई कि खाते में हस्ताक्षर मेल नहीं कर रहे हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि हस्ताक्षर में कोई समस्या थी तो इसकी जानकारी समय रहते दी जानी चाहिए थी, लेकिन पूरे दिन इंतजार कराने के बाद इस प्रकार का जवाब दिया गया, जिससे उन्हें मानसिक एवं आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उक्त कर्मचारियों के खिलाफ इस प्रकार की शिकायतें नई नहीं हैं, बल्कि आए दिन ग्राहकों के साथ अभद्र व्यवहार करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा बन गया है। बताया जा रहा है कि इन कर्मचारियों की नियुक्ति के बाद से ही क्षेत्रीय खाताधारक बैंक जाने से दूरी बनाने लगे हैं, जिससे बैंक की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके अलावा शिकायतकर्ता ने एक और गंभीर मुद्दा उठाते हुए कहा कि शाखा परिसर में शिकायत दर्ज कराने हेतु न तो कोई हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित किया गया है और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी का नाम अंकित है, जिससे उपभोक्ताओं को अपनी समस्या दर्ज कराने में कठिनाई होती है। वहीं, इस संबंध में शाखा प्रबंधक संदीप मीणा ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि संबंधित खाताधारक को दूरभाष के माध्यम से पहले ही सूचित कर दिया गया था कि उनके हस्ताक्षर मेल नहीं खा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों द्वारा किसी भी प्रकार का अभद्र व्यवहार नहीं किया गया है और यदि आवश्यकता हो तो शाखा में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर वास्तविक स्थिति देखी जा सकती है। इस संबंध में शिकायतकर्ता ने उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजते हुए संबंधित बैंक कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायत की प्रतिलिपि भारतीय रिजर्व बैंक सहित अन्य संबंधित विभागों को भी प्रेषित की गई है, ताकि निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और स्थानीय लोग प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
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