मुझमें दैवीय शक्ति है, जो चाहूं कर सकता हूं! तलवार बाबा हुआ गिरफ्तार
April 02, 2026
अशोक खरात, भोंदू बाबा जैसे धोखेबाजों के सामने आने के बाद, एक के बाद एक ऐसे पाखंडी बाबाओं के कारनामे सामने आने लगे हैं। नांदेड़ ज़िले को संतों की धरती कहा जाता है, जिसमें आठ दिन पहले एक महिला के साथ दरिंदगी करने वाले हरिगिरी महाराज जैसे दरिंदों की करतूतें सामने आई थीं। अब इसी कड़ी में बिलोली तहसील के 'तलवार बाबा' का नाम भी जुड़ गया है, जिसका वास्तविक नाम ज्ञानेश्वर करडे है। नांदेड़ पुलिस ने खुद को 'तलवार बाबा' कहनेवाले ज्ञानेश्वर करडे का पर्दाफाश किया है, जो शरीर में भगवान आने का नाटक करके हाथ में तलवार का डर दिखाकर महिलाओं और बच्चों का मानसिक और आर्थिक शोषण कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी से हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, ज्ञानेश्वर करडे पिछले चार साल से एक मंदिर जैसी जगह पर अपना 'दरबार' लगाता था और कहता था, मुझमें दैवीय शक्ति है। वह लोगों में अंधविश्वास फैलाकर उनके घर में बीमारी ठीक करने, पारिवारिक समस्याओं को हल करने या बाहरी बाधाओं को दूर करने के नाम पर फंसाता था और उन्हें 'मंत्रवाले नींबू' देता था। इसके बदले में वह लोगों से बड़ी रकम और सामान की मांग करते था। महिलाओं और बच्चों को तलवार दिखाकर डराता था और उनके मन में डर पैदा करता था।
लोगों की शिकायत के बाद सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर श्याम पानेगांवकर और पुलिस इंस्पेक्टर अतुल भोसले की अगुवाई में एक टीम ने जाल बिछाया। जब पुलिस ने छापा मारा, तो वहां अंधविश्वास से जुड़ी सामग्री जब्त की गई। हैरानी की बात यह है कि जब कार्रवाई चल रही थी, तो आरोपी के समर्थक शिवकांत मेलारे और नबाजी वाघेकर ने पुलिस से बहस की। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ 'महाराष्ट्र जादूटोना एक्ट और सरकारी काम में रुकावट डालने के तहत केस दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया है।
पुलिस ने कहा, धोखेबाज़ों के झूठ का शिकार न बनें। साइंस को फॉलो करें और अगर आपको लगे कि आपके साथ धोखा हो रहा है, तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें। अंधविश्वास समाज में एक कीड़ा है, इसे मिलकर खत्म करने के लिए पुलिस को रिपोर्ट करें ऐसी जानकारी पुलिस निरीक्षक अतुल भोसले ने दी है।
