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योगी की पाती! विजन, मिशन और लगन के धनी बाबासाहेब के हर शब्द प्रेरक हैं


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संविधान शिल्पी, भारतरत्न डॉ. बीआर आंबेडकर की जयंती पर प्रदेशवासियों को चिट्ठी लिखी है। सीएम योगी ने चिट्ठी में कहा कि आंबेडकर जी की दृष्टि से करोड़ों लोगों को गरिमामयी जीवन का अधिकार मिला। विजन, मिशन और लगन के धनी बाबासाहेब के हर शब्द प्रेरक हैं।

मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों, 14 अप्रैल को भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर जी की पावन जयंती है। यह अवसर भारत के संविधान की रूपरेखा तैयार करने वाले उस महान व्यक्तित्व को कृतज्ञता अर्पित करने का है, जिसकी दृष्टि से करोड़ों लोगों को गरिमामयी जीवन का अधिकार मिला। वैसे तो विजन, मिशन और लगन के धनी बाबासाहेब के हर शब्द प्रेरक हैं, परंतु आर्थिक आयाम और शिक्षा के प्रति उनकी दूरदृष्टि अमूल्य है। उन्होंने राजकोषीय संघवाद का विचार दिया। साथ ही कहा था, "शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो।" अपने समय में बाबासाहेब भारत के सर्वाधिक शिक्षित लोगों में एक थे। 35 हजार से अधिक पुस्तकों के संग्रहकर्ता बाबासाहेब 16 से 18 घंटे प्रतिदिन अध्ययन करते थे।

सीएम योगी ने कहा है कि स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री बाबासाहेब की पहचान न्यायविद, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ एवं संवेदनशील समाज सुधारक की है। बाबासाहेब ने घर पर सहयोग के लिए सुदामा नाम के व्यक्ति को रखा था। एक बार सुदामा देर रात फिल्म देखकर लौटे, तो बाहर ही सो गए। सुबह सुदामा जगे, तो उन्होंने पाया कि बाबासाहेब ने उनके ऊपर अपना ओवरकोट ओढ़ा दिया है।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है, बाबासाहेब के विचारों को अपनाकर हमारी सरकार न्याय और समता के आदर्शों के अनुरूप प्रत्येक गरीब, वंचित, महिला और युवा तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है- चाहे वह राशन, आवास, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं हों या 'घरौनी' के माध्यम से महिलाओं को मालिकाना अधिकार। छात्रवृत्तियां, सामूहिक विवाह योजना, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना वंचितों के लिए संबल बनी। अटल आवासीय विद्यालयों में वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है।

बाबासाहेब के नाम पर छात्रावासों के पुनर्निर्माण और नवनिर्माण की योजना से दलित और कमजोर वर्गों के छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में सहायता मिलेगी। नियोजित कार्यक्रमों से उत्तर प्रदेश में 6 करोड़ से अधिक लोग बहुआयामी गरीबी से ऊपर आये हैं और अब सरकार बाबासाहेब के सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए जीरो पॉवर्टी कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही है।

बाबासाहेब के विचार अपनाने से ही समरस, सशक्त और समृद्ध प्रदेश के निर्माण का संकल्प पूरा होगा। प्रदेशवासियों से मेरा आग्रह है कि अपने घर में अच्छी पुस्तकें रखें, स्वयं पढ़ें और बच्चों को भी प्रेरित करें, तभी बाबासाहेब का सपना साकार होगा।

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