संग्रामपुर: धूमधाम से मनाया गया श्री कृष्ण जन्मोत्सव
April 07, 2026
संग्रामपुर/अमेठी। भवसिंहपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान सप्ताह के चैथे दिन मंगलवार को भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर पंडाल रंगीन गुब्बारे से सजाया गया। भगवान के जन्मोत्सव को लेकर खूब तैयारियां की गई। भगवान के जन्मोत्सव को लेकर पंडाल खचाखच भरा हुआ था ।व्यास गद्दी पर बैठे कथा वाचक विनीत जी महराज ने भगवान के जन्मोत्सव को लेकर भगवान श्रीहरि के आठवें अवतार के रूप में देवकी की कोख से कंस के कारागार में भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष में मध्यरात्रि को भगवान जन्म लिये। कथावाचक ने बताया कि जब-जब होई धरम पर हानी अर्थात जब -जब भी धरती पर असुरी शक्ति हाबी हुई भगवान ने धर्म की रक्षा के लिए अवतरित होकर धर्म की स्थापना की । मथुरा मे राजा कंस के अत्याचारों से व्यथित होकर धरती की करुण पुकार सुनकर भगवान श्रीहरि ने देवकी - वासुदेव के आठवें पुत्र के रूप जन्म लिया और धर्म की रक्षा के लिए अत्याचारी कंस का अंत किया और धर्म की स्थापना द्वापर युग के रूप में की। भगवान के जन्मोत्सव को लेकर बीच-बीच में श्रोताओं द्वारा नृत्य किया गया। महिलाओं ने सोहर गीत गये। वासुदेव का भगवान को टोकरी में रखकर ले जाने की झांकी निकाली गई।नंद भयो आनन्द व जय कन्हैया लाल की गीत से पूरा पंडाल भक्ति मय हो गया । चैथे दिन की कथा में भगवान जन्मोत्सव को लेकर पूरा पंडाल खचाखच भरा हुआ था । मुख्य यजमान अवधेश सिंह सहित पूरा परिवार क्षेत्र गांव एकत्रित होकर भगवान के जन्मोत्सव का प्रसाद लिए।
