लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डिप्लोमा फार्मासिस्ट राजपत्रित अधिकारी एसोसिएशन (क्च्त्।) की लंबित मांगों और विभागीय समस्याओं के समाधान की दिशा में एक निर्णायक सफलता मिली है। राजीव कुमार कनौजिया (प्रांतीय प्रवक्ता, उत्तर प्रदेश एवं जिला अध्यक्ष, डीपीआरए लखनऊ) ने जानकारी देते हुए बताया कि संगठन के शीर्ष नेतृत्व के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप शासन ने वार्ता के लिए सहमति दे दी है।महानिदेशालय, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा जारी पत्र के अनुसार, एसोसिएशन की मांगों पर विचार-विमर्श हेतु आगामी 06 मई 2026 को सायं 04रू30 बजे, सचिवालय स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री भवन (एनेक्सी) में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग करेंगे।राजीव कनौजिया ने प्रेस वार्ता के दौरान संगठन के स्तंभों की प्रशंसा करते हुए कहा कि जे.के. सचान (प्रदेश अध्यक्ष, क्च्त्।)के ओजस्वी और दूरदर्शी नेतृत्व ने प्रदेश के समस्त फार्मासिस्टों को एक सूत्र में पिरोया है। उनकी अडिग कार्यशैली और नीतिगत सूझबूझ के कारण ही आज शासन स्तर पर संगठन का मान बढ़ा है और हमारी मांगों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
सम्मानित महामंत्री प्रशासनिक पकड़ और निरंतर सक्रियता ने विभागीय बाधाओं को दूर करने में मुख्य भूमिका निभाई है। उनके द्वारा प्रस्तुत सटीक तथ्यों और प्रभावी पैरवी का ही परिणाम है कि आज शासन निर्णायक वार्ता के लिए तैयार हुआ है।प्रांतीय प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि डीपीआरए (क्च्त्।) का प्रतिनिधिमंडल जे.के. सचान जी और महामंत्री अके नेतृत्व में पूरी मजबूती और साक्ष्यों के साथ बैठक में अपना पक्ष रखेगा। हमें पूर्ण विश्वास है कि शासन के साथ इस सीधे संवाद से संवर्ग की पदोन्नति, वेतन विसंगति और अन्य लंबे समय से लंबित विषयों पर ऐतिहासिक निर्णय लिए जाएंगे।राजीव कुमार कनौजिया ने अंत में कहा कि यह सफलता प्रदेश के हजारों फार्मासिस्टों के विश्वास और हमारे नेतृत्व की अटूट मेहनत का परिणाम है। शासन का यह सकारात्मक रुख स्वागत योग्य है।
