जंग के बीच दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरी अबू धाबी की फ्लाइट
March 03, 2026
ईरान पर हालिया सैन्य हमलों के बाद मिडल ईस्ट में पैदा हुए तनाव के बीच अब धीरे-धीरे हवाई सेवाएं बहाल होने लगी हैं. सोमवार को अबू धाबी से एक विमान भारत की राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा, जो खाड़ी क्षेत्र में कई दिनों के व्यवधान के बाद भारत-लिंक्ड यात्रा की बहाली का एक महत्वपूर्ण संकेत है. हालांकि स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है और एयरलाइंस सावधानी के साथ अपनी सेवाएं सीमित रूप में शुरू कर रही हैं.
अबू धाबी से दिल्ली लौटे यात्रियों ने खाड़ी क्षेत्र के ऊपर के डरावने मंजर को साझा किया. 'शिव' नामक एक यात्री ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "आसमान में स्थिति काफी तनावपूर्ण थी. हम देख सकते थे कि मिसाइलों को लगातार इंटरसेप्ट किया जा रहा था. एयरस्पेस बहुत व्यस्त था, हालांकि अबू धाबी में इसका कोई सीधा या बड़ा प्रभाव देखने को नहीं मिला." दिल्ली के अलावा एतिहाद एयरवेज की एक अन्य उड़ान अबू धाबी से मुंबई भी पहुंची है.
एयर इंडिया एक्सप्रेस ने घोषणा की है कि वह तीन मार्च से मस्कट (ओमान) के लिए अपनी सेवाएं फिर से शुरू कर देगी. यह दिल्ली, कोच्चि, कोझिकोड, मंगलुरु, मुंबई और तिरुचिरापल्ली जैसे प्रमुख शहरों को फिर से जोड़ेगा. इतना ही नहीं रियाद में भारतीय दूतावास ने एक्स पर जानकारी दी है, "इंडिगो एयरलाइंस जेद्दा से भारत के लिए स्पेशल फ्लाइट्स उड़ाएगी."
वहीं, ट्रेवल प्लेटफॉर्म ईज माय ट्रिप ने फंसे हुए यात्रियों की मदद के लिए 3 मार्च की शाम फुजैरा (यूएई) से दिल्ली और मुंबई के लिए विशेष चार्टर उड़ानें संचालित करने का फैसला लिया है. कंपनी ने स्पष्ट किया है कि सीटें सीमित हैं और 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर दी जाएंगी.
प्रमुख एयरलाइंस एमिरेट्स और फ्लाईदुबई ने भी 2 मार्च की शाम से अपनी सीमित उड़ानें फिर से शुरू कर दी हैं. एमिरेट्स ने साफ किया है कि उनकी प्राथमिकता उन यात्रियों को समायोजित करना है जिनकी बुकिंग पहले की थी. एयरलाइन ने सख्त लहजे में यात्रियों से कहा है, "जब तक आपको सूचित न किया जाए, कृपया हवाई अड्डे पर न आएं. अधिकांश उड़ानें अभी भी निलंबित हैं."
सुरक्षा को सर्वोपरि बताते हुए एयरलाइंस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे घर से निकलने से पहले अपनी उड़ान का स्टेटस और संपर्क विवरण जरूर अपडेट कर लें. मिडल ईस्ट में युद्ध के बाद पैदा हुए इन हालात ने वैश्विक विमानन क्षेत्र को सतर्क कर दिया है, जिससे आने वाले कुछ दिनों तक उड़ानों के समय में बदलाव की संभावना बनी रहेगी.
