ईरान से जंग के बीच अमेरिका ने की मिसाइल की टेस्टिंग
March 05, 2026
मध्य पूर्व में ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिका ने अपनी परमाणु क्षमता वाली LGM-30G मिनटमैन III अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का एक रूटीन परीक्षण किया है। अमेरिकी स्पेस फोर्स के मुताबिक, इस ICBM का यह परीक्षण वर्षों पहले से निर्धारित था और वर्तमान वैश्विक घटनाओं से इसका कोई लेना देना नहीं है। मिनटमैन III का यह परीक्षण मंगलवार की रात को कैलिफोर्निया के वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से लगभग 11 बजे स्थानीय समय पर किया गया। मिसाइल को GT-255 नाम दिया गया था, जिसमें दो टेस्ट री-एंट्री व्हीकल लगे थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह अनआर्म्ड यानी कि बिना हथियार वाली मिसाइल प्रशांत महासागर के पार उड़ी और अपना लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया। अमेरिकी एयर फोर्स ग्लोबल स्ट्राइक कमांड ने बताया कि इस परीक्षण का मकसद यह देखना था कि अमेरिका की जमीन से दागी जाने वाली परमाणु मिसाइल प्रणाली कितनी प्रभावी, तैयार और भरोसेमंद है। 576वीं फ्लाइट टेस्ट स्क्वाड्रन की कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल कैरी रे ने कहा, 'GT-255 परीक्षण से मिसाइल सिस्टम के अलग-अलग हिस्सों के काम करने के तरीके को समझने और जांचने का मौका मिला। अलग-अलग तरह के मिशन प्रोफाइल पर टेस्ट करके पूरी ICBM फ्लीट के प्रदर्शन को बेहतर बनाया जा रहा है।
लेफ्टिनेंट कर्नल कैरी रे ने आगे कहा, 'इसका मकसद है कि अमेरिका की परमाणु ताकत के 3 प्रमुख हिस्सों यानी कि न्यूक्लियर ट्रायड में से जमीन से दागी जाने वाली मिसाइलें हमेशा पूरी तरह तैयार और सक्षम रहें।' एयर फोर्स ग्लोबल स्ट्राइक कमांड के कमांडर जनरल एसएल डेविस ने कहा, 'हमारी ICBM फोर्स के सभी पहलुओं की जांच करना बहुत जरूरी है, जिसमें दुश्मन की रक्षा को भेदने और कई स्वतंत्र रूप से लक्षित पेलोड को सटीकता से पहुंचाने की क्षमता शामिल है। यह परीक्षण हथियार सिस्टम की जटिल समन्वय की पुष्टि करता है, लॉन्च से लेकर हर री-एंट्री व्हीकल के सही तैनाती तक।'
