बंगाल को 'भगवामय' करने की तैयारी! बीजेपी ने बनाई चुनावी रणनीति
March 06, 2026
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर बीजेपी ने व्यापक रणनीति तैयार की है. पार्टी का पूरा फोकस बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ फर्जी वोटिंग पर रोक लगाने और मतदाताओं व कार्यकर्ताओं के मन से चुनावी हिंसा का डर खत्म करने पर है.
सूत्रों के मुताबिक बीजेपी का मानना है कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान हिंसा और डर का माहौल कई बार मतदाताओं को मतदान से दूर कर देता है. इसी को देखते हुए पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया है, ताकि मतदाता बिना किसी भय के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें. इसके साथ-साथ फर्जी वोटिंग रोकने के लिए भी बीजेपी ने चुनाव आयोग को कई सुझाव दिए हैं.
बीजेपी ने सलाह दी है कि सभी मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की फेस स्कैनिंग की व्यवस्था की जाए या कम से कम प्रत्येक मतदाता की फोटो ली जाए. बीजेपी का मानना है कि इस तरह की व्यवस्था से फर्जी मतदान पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा और चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी. इसके साथ बीजेपी सूत्रों के मुताबिक बीजेपी ने चुनाव आयोग को पश्चिम बंगाल में कम से कम चरणों में चुनाव कराने की सलाह दी है जिस से उपद्रवी तत्वों पर लगाम लगाकर चुनावी हिंसा को रोका जा सके.
पिछले विधानसभा चुनाव आठ चरणों में हुए थे जिसमें चुनाव के दौरान और बाद में हिंसा की बहुत सारी घटनाएं सामने आई थीं. बीजेपी नेताओं का मानना है कि पार्टी का पिछले लोकसभा चुनाव में सीटों के हिसाब से भले ही प्रदर्शन खराब रहा हो लेकिन वोट प्रतिशत में कमी नहीं आई. बीजेपी का वोट प्रतिशत 38-39 प्रतिशत के आस पास ही रहा है. 2024 के लोकसभा चुनाव के परिणाम की बात करें तो तकरीबन 200 विधानसभा ऐसी है जिनमें पार्टी को 35 प्रतिशत के आस पास वोट मिला. इसलिए पार्टी को भरोसा है कि उसके पास जनता का समर्थन है.
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चुनाव आयोग के आदेश पर केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल में 1 मार्च से केंद्रीय सुरक्षा बलों की 480 बटालियन तैनात कर दी हैं, जो 10 मार्च तक अपने अपने स्थानों पर पहुंच जाएंगी. सूत्रों के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की भी तैनाती की जा सकती है. पिछले लोकसभा चुनावों के दौरान भी चुनावी हिंसा को रोकने के लिए मतदान के बाद कई महीनों तक केंद्रीय बलों की तैनाती जारी रखी गई थी.
सूत्रों के अनुसार अगले सप्ताह चुनाव आयुक्त पश्चिम बंगाल का दौरा कर सकते हैं, जहां वे चुनावी तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे. इस दौरे के दौरान राज्य में निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदमों पर भी चर्चा होने की संभावना है.
